HospitalGreenCurtains : अस्पताल में हरे पर्दे का क्या है राज?
No single color has been decided upon for curtains in hospitals.
HospitalGreenCurtains : अस्पताल में हरे पर्दे का क्या है राज? :- अस्पताल में जाते समय आपने एक चीज जरूर नोटिस की होगी कि वहां बेड के आसपास लगे पर्दे अक्सर हरे या नीले रंग के होते हैं. खासकर ऑपरेशन थिएटर और मरीजों के आसपास हरे रंग का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अस्पतालों में इन रंगों के पर्दे ही क्यों लगाए जाते हैं? इसके पीछे सिर्फ खूबसूरती नहीं, बल्कि साइंटिफिक रीजन है. कहा जाता है कि यह रंग आंखों को बहुत ही सुकून देने का काम करता है।
अस्पताल में डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ को लंबे समय तक खून जैसी चीजें देखनी पड़ सकती हैं. ऐसे में हरे या नीले रंग का बैकग्राउंड आंखों को लाल रंग के साथ बेहतर कंट्रास्ट देता है. इससे लगातार एक ही तरह के नजारे देखने से होने वाली आंखों की थकान और विजुअल स्ट्रेस को कम करने में मदद मिल सकती है।
ऑपरेशन के दौरान सर्जन का ध्यान शरीर के अंदर के लाल खून पर जाता है. ऐसे में अगर आसपास का रंग चमकीला हो या डार्क रंग का नजर आए तो आंखों को कॉन्ट्रास्ट पहचानने में अधिक परेशानी हो सकती है. इसलिए विजुअल कॉन्ट्रास्ट बनाए रखने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है।
अस्पताल आते ही कई लोग घबरा जाते हैं, लेकिन अगर उनकी नजर हरे रंग पर पड़ती है तो दिमाग को सुकून मिलता है. इसलिए कुछ अस्पतालों में हरे या हल्के रंगों के पर्दे का इस्तेमाल किया जाता है, ताकि मरीजों के दिमाग को सुकून मिल सके और डार्क रंग देखकर वो घबरा न जाएं।
अस्पतालों में पर्दों के रंग पर कोई एक कलर तय नहीं किया गया है. आप अपने हिसाब से पर्दों का रंग कोई भी रख सकते हैं, लेकिन ज्यादा लोग हल्के रंग के पर्दे रखना पसंद करते हैं. हरा रंग बेहतर माना जाता है, लेकिन अगर आप चाहें तो पिंक या सफेद रंग के भी पर्दों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
हरे रंग के पर्दों के साथ आपने कभी अस्पताल में सफेद रंग की चादर भी बिछी देखी होंगी, लेकिन क्या आपको इसके पीछे का कारण पता है. अगर नहीं तो बता दें सफेद रंग की चादर इस्तेमाल करने के पीछे साफ-सफाई और गंदगी का पता लगाना होता है।



