UttarakhandWeather : उत्तराखंड में बढ़ेगी ठंड! पहाड़ से मैदान तक बदला मौसम
Assess damage caused by hailstorm quickly: Kaushik
UttarakhandWeather : उत्तराखंड में बढ़ेगी ठंड! पहाड़ से मैदान तक बदला मौसम :- पहाड़ से मैदान तक सुबह और शाम की ठंड शुरू हो गई है। अक्तूबर की शुरुआत से बदले मौसम का सिलसिला फिलहाल कुछ और दिन जारी रहेगा। हालांकि मैदानी इलाकों में बारिश और तूफान से राहत मिलेगी। मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार पर्वतीय इलाकों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का अनुमान है।
केंद्र की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 11 अक्तूबर को पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। जबकि 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार हैं। मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क रहेगा। आंकड़ों पर नजर डालें तो करीब चार दिन बाद देहरादून का तापमान सामान्य हो पाया है।
बीते दिनों लगातार बारिश और तूफान के चलते अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही थी। शनिवार को यहां का अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री के साथ सामान्य रहा। जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री इजाफे के साथ 19.5 डिग्री दर्ज किया गया। इसके उलट पर्वतीय इलाकों में हल्की बारिश और हल्का कोहरा छाने व हवाओं के चलने से दिन के तापमान में सामान्य से नीचे रहा। आने वाले दिनों की बात करें तो 16 अक्तूबर तक प्रदेश भर में मौसम का मिजाज कुछ ऐसा ही रहेगा। पर्वतीय जिलों में हल्की बारिश व हवाओं के चलने से ठंड बढ़ने के आसार हैं।
ओलावृष्टि से हुए नुकसान का जल्द करें आकलन: काैशिक
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने नौ अक्तूबर को हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर फसलों, जन-धन और परिसंपत्तियों को हुए नुकसान का आकलन करने को कहा है।
मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि आपदा प्रभावितों को समय पर राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। अधिकारियों को नुकसान का वास्तविक आकलन कर पात्र प्रभावितों को निर्धारित मानकों के अनुसार मुआवजा और आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को तत्काल स्थलीय सर्वेक्षण करने को कहा गया है। फसलों, पशुधन, आवासीय भवनों और अन्य परिसंपत्तियों को हुए नुकसान का भी आकलन किया जाएगा।
सचिव विनोद कुमार सुमन के निर्देश पर उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार पुनेठा ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी किया है। इसमें नौ अक्तूबर की बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का विवरण संकलित कर प्रभावितों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।



