Dharmik
Trending

KaalBhairavPuja : क्या है कालाष्टमी और क्यों इसका महत्व?

For whom is this fast essential?

KaalBhairavPuja : क्या है कालाष्टमी और क्यों इसका महत्व? :-  अगर आपको बिना वजह डर लगता है. मन बेचैन रहता है या बार-बार नकारात्मक विचार आते हैं, तो इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. धर्म के अनुसार, ऐसे संकेत जीवन में बढ़ते अशुभ प्रभाव की ओर इशारा करते हैं. जिनसे बचाव के लिए कालाष्टमी का व्रत बेहद प्रभावी माना गया है।

हिंदू धर्म में कालाष्टमी हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मनाई जाती है. इस दिन भगवान शिव के रौद्र स्वरूप काल भैरव की पूजा होती है. कहा जाता है कि काल भैरव की कृपा से अदृश्य भय, शत्रु बाधा और नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं।

किन लोगों के लिए जरूरी है यह व्रत?

जो लोग लगातार मानसिक तनाव, अनजाने डर, बुरे सपनों या असफलताओं से जूझ रहे हैं, उन्हें यह व्रत जरूर करना चाहिए. जिन पर शनि या राहु का प्रभाव भारी है या जिन्हें शत्रुओं का भय सताता है, उनके लिए भी यह व्रत सुरक्षा कवच की तरह काम करता है।

कब रखें व्रत और क्या है सही समय

वैशाख माह में कालाष्टमी 10 अप्रैल को मनाई जाएगी. पूजा के लिए रात 9 से 11 बजे का समय सबसे शुभ माना गया है. इस दौरान की गई पूजा विशेष फल देने वाली होती है. भय से मुक्ति दिलाती है।

कैसे करें पूजा, क्या चीजें चढ़ाएं?

पूजा में काला उड़द, सरसों का तेल, कच्चा दूध और मीठी रोटी अर्पित करना शुभ होता है. साथ ही काले कुत्ते को भोजन कराना भी विशेष लाभकारी माना गया है. विधि से किया गया यह व्रत न सिर्फ भय को खत्म करता है, बल्कि जीवन में आत्मविश्वास और शांति भी लौटाता है।

Leena Kumari

InsideNewsPostUK is a digital news portal dedicated to delivering timely, accurate, and insightful coverage of current events across the world. From politics and business to entertainment, technology, and lifestyle, we aim to inform and engage readers with in-depth reporting, expert analysis, and diverse perspectives. With a commitment to journalistic integrity and digital innovation, InsideNewsPostUK strives to be a trusted source for breaking news and thoughtful commentary in a rapidly changing media landscape.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button