RailwayUpdate : अब वेटिंग टिकट पर भी कर सकेंगे सफर
How does the ‘Vikalp’ scheme work?
RailwayUpdate : अब वेटिंग टिकट पर भी कर सकेंगे सफर :- भारतीय रेलवे में यात्रा करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए सबसे बड़ी समस्या ‘वेटिंग टिकट’ होती है. अक्सर त्योहारों या छुट्टियों के समय टिकट कंफर्म होना नामुमकिन सा लगता है।
यात्रियों की इसी परेशानी को दूर करने के लिए IRCTC ने ‘विकल्प’ (VIKALP) नाम की एक खास सुविधा शुरू की है. इस स्कीम के जरिए अगर आपकी मूल ट्रेन में सीट कंफर्म नहीं होती है, तो रेलवे आपको उसी रूट की दूसरी ट्रेनों में कंफर्म सीट देने की कोशिश करता है।
कैसे काम करती है ‘विकल्प’ योजना?
विकल्प स्कीम का मतलब यह नहीं है कि आपको दूसरी ट्रेन में सीट मिलना पक्का ही है, लेकिन यह आपकी संभावनाओं को काफी बढ़ा देता है. जब आप टिकट बुक करते हैं, तब आपको इस ऑप्शन को चुनना होता है।
इसके तहत आप अपनी यात्रा के रूट पर चलने वाली 7 अन्य ट्रेनों का चुनाव कर सकते हैं. अगर आपकी चुनी हुई मुख्य ट्रेन में चार्ट बनने तक सीट कंफर्म नहीं होती, तो रेलवे ऑटोमैटिक तरीके से आपको उन 7 ट्रेनों में से किसी एक में खाली सीट अलॉट कर देता है।
किराया और बोर्डिंग के जरूरी नियम
इस सुविधा की सबसे अच्छी बात यह है कि आपको दूसरी ट्रेन के लिए कोई अतिरिक्त किराया नहीं देना पड़ता. मान लीजिए आपने किसी साधारण मेल ट्रेन में टिकट लिया है और ‘विकल्प’ के जरिए आपको राजधानी जैसी प्रीमियम ट्रेन में सीट मिल जाती है, तो भी आपसे कोई एक्स्ट्रा पैसा नहीं लिया जाएगा. हालांकि, यह ध्यान रखें कि एक बार दूसरी ट्रेन में सीट अलॉट होने के बाद आप अपनी पुरानी ट्रेन में सफर नहीं कर पाएंगे।
ऐसे उठाएं इस सुविधा का लाभ
इस सुविधा का फायदा उठाने के लिए आपको टिकट बुकिंग के समय ‘विकल्प’ चेकबॉक्स पर टिक करना होगा. आप इसे टिकट बुक करने के बाद ‘बुक टिकट हिस्ट्री’ में जाकर भी इनेबल कर सकते हैं।
यह सुविधा सभी क्लास (स्लीपर से लेकर एसी तक) के लिए उपलब्ध है. अब अगली बार जब भी आप वेटिंग टिकट बुक करें, तो इस विकल्प को चुनना न भूलें ताकि आपका सफर यादगार और आरामदायक रहे।



