IndiaChinaBorder : चीन सीमा तक फर्राटा भरेंगे सेना के वाहन
The pace of development will reach six villages.
IndiaChinaBorder : चीन सीमा तक फर्राटा भरेंगे सेना के वाहन :- चीन सीमा से सटे उत्तराखंड के रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण पिथौरागढ़ जिले के सीमांत गांवों तक अब भारतीय सेना और स्थानीय नागरिकों की पहुंच और आसान होने जा रही है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (VVP) के तहत इन सीमावर्ती इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ने की कवायद तेज हो गई है।
इसी कड़ी में चीन सीमा से लगे 6 दुर्गम गांवों को ऑल-वेदर कनेक्टिविटी देने के लिए चार प्रमुख सड़कों की कटिंग का काम युद्धस्तर पर शुरू हो चुका है। हालांकि, इन सड़कों की राह में आने वाले 17 छोटे-बड़े पहाड़ी नदी-नाले (गाड-गदेरे) बड़ी चुनौती बने हुए हैं, जिन पर अब पुलों का जाल बिछाने की तैयारी है।
इन सड़कों के बीच आने वाले 17 पुलों के निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था उत्तराखंड ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण ने कमर कस ली है। यूआरआरडीए ने पुलों के निर्माण के मद्देनजर 87.38 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर केंद्रीय ग्राम्य विकास मंत्रालय को अंतिम मंजूरी और वित्तीय सहायता के लिए प्रस्ताव भेज दिया है।
6 गांवों तक पहुंचेगी विकास की रफ्तार
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत पिथौरागढ़ के अति-सीमांत गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ने पर विशेष फोकस है। इस योजना के तहत जिन गांवों का भाग्य बदलने जा रहा है, उनमें शामिल हैं:
रौंगकौंग, टिडांग, मारछा, सीपू, पंछू घुंट और टोला
केंद्र सरकार की ओर से इन गांवों को जोड़ने वाली 20.760 किलोमीटर लंबी सड़कों के लिए पहले ही 52 करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर की जा चुकी है, जिसके बाद सड़कों की कटिंग का काम तेजी से चल रहा है।सड़कों के निर्माण के दौरान सामने आए 17 गाड-गदेरों पर पुल बनाना बेहद अनिवार्य है, ताकि बरसात के मौसम में भी कनेक्टिविटी न टूटे।
ढाकर-टिडांग-मारछा-सीपू मार्ग: 07 पुल
मुनस्यारी-मिलन-गांघर-पंछू मार्ग: 06 पुल
नाबी-रौंककौंग मार्ग: 02 पुल
मुनस्यारी-मिलन-टोला मार्ग: 02 पुल
यूआरआरडीए के अधिशासी अभियंता विजयपाल सिंह नेगी ने बताया कि पुलों के निर्माण का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है, जो वर्तमान में स्वीकृति की प्रक्रिया में है। उम्मीद है कि जल्द ही केंद्र से बजट को हरी झंडी मिल जाएगी, जिसके बाद सीमांत क्षेत्रों में विकास और सुरक्षा को एक नई रफ्तार मिलेगी।



