WestBengal : किताबों से ‘अब्बा-अम्मी’ और ‘पानी’ शब्द हटेंगे
Formed in July 2026 by the Suvendu Adhikari-led government in West Bengal.
WestBengal : किताबों से ‘अब्बा-अम्मी’ और ‘पानी’ शब्द हटेंगे :- सरकारी स्कूल की किताबों से ‘अब्बा-अम्मी’ और ‘पानी’ शब्द हटने जा रहा है। वहीं मुगल-कम्युनिष्ट इतिहास के बारे में भी बच्चे नहीं पढ़ पाएंगे। दरअसल पश्चिम बंगाल की शुभेंदु सरकार ने बंगाल के सरकारी स्कूलों के सेलेब्स में बड़ा बदलाव करने जा रही है। सरकार बंगाल सरकारी स्कूल सिलेबस बदलाव-2027 को जल्दी ही मंजूरी दे सकती है। सरकार की मंजूरी के बाद बंगाल के स्कूलों में बच्चों में पानी’ की जगह ‘जोल’ और ‘अब्बा’ की जगह ‘बाबा’ जैसे शब्द पढ़ाए जाएंगे। साथ ही इतिहास की किताबों में भी कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।
पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी सरकार की ओर से जुलाई 2026 में बनाई गई समिति में सिलेबस के बदलाव को सुझाया गया है। इसमें मुगल शासन, ब्रिटिश इतिहास और मार्क्सवादी विचारधारा से जुड़े कुछ हिस्सों को कम करने की सिफारिश की गई है। वहीं, हिंदू राष्ट्रवादी नेता डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन से जुड़ी जानकारी को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
पश्चिम बंगाल के सरकारी स्कूलों की बंगाली भाषा की किताबों में अब कुछ शब्दों को बदलने की तैयारी है। सिलेबस की समीक्षा करने वाली समिति के प्रमुख और कल्याणी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर देबाशीष चटर्जी के मुताबिक, किताबों से ‘पानी’, ‘अब्बा’ और ‘अम्मी’ जैसे शब्द हटाए जाएंगे।
इनकी जगह ‘जोल’, ‘बाबा’ और ‘मा’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाएगा। समिति का कहना है कि बंगाली बोलचाल में आमतौर पर इन शब्दों का इस्तेमाल होता है। लिहाजा बच्चों को उनकी रोजमर्रा की भाषा से जुड़े शब्द पढ़ाए जाएंगे।
बंगाली भाषा के अलावा इतिहास की किताबों में भी कई बदलाव देखने को मिलेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, मुगल शासन, भारत में ब्रिटिश औपनिवेशिक इतिहास और मार्क्सवादी विचारधारा से जुड़े कुछ हिस्सों को कम किया जाएगा।
वहीं, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन और उनके योगदान से जुड़ी जानकारी को सिलेबस में शामिल करने की योजना है। इसके अलावा रवींद्रनाथ टैगोर की कविता ‘शिवाजी उत्सव’ और द्विजेंद्रलाल रॉय के नाटक ‘मेवाड़ पतन’ को भी किताबों में जगह देने की बात कही गई है। दूसरी ओर सिराजुद्दौला पर आधारित नाटक और टैगोर की कविता ‘अफ्रीका’ को हटाने की सिफारिश की गई है।



