MonsoonTravelInsurance : बारिश में सफर से पहले ट्रैवल इंश्योरेंस जरूरी
Medical emergencies are also covered.
MonsoonTravelInsurance : बारिश में सफर से पहले ट्रैवल इंश्योरेंस जरूरी :- बारिश के मौसम में घूमने का अपना ही मजा है, पहाड़, झरने और हरियाली किसी को भी लुभा सकते हैं. लेकिन यही मौसम कभी कभी फ्लाइट डिले, ट्रिप कैंसिलेशन और अचानक मेडिकल इमरजेंसी जैसी मुसीबतें भी साथ लेकर आता है. यही वजह है कि मानसून में सफर से पहले ट्रैवल इंश्योरेंस को गंभीरता से लेना अब पहले से कहीं ज्यादा जरूरी माना जाने लगा है।
ज्यादातर भारतीय ट्रैवल इंश्योरेंस को नजरअंदाज करते हैं, आमतौर पर बजट की वजह से इसे फालतू खर्च समझा जाता रहा है. लेकिन बदलते मौसम और बढ़ती मॉनसून के बीच अब यह सोच धीरे धीरे बदल रही है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि मानसून के दौरान अचानक भारी बारिश, बाढ़ या भूस्खलन जैसी घटनाएं सफर की प्लैनिंग को पूरी तरह बिगाड़ सकती हैं, और ऐसे में इंश्योरेंस ही आर्थिक नुकसान से बचने का सबसे भरोसेमंद जरिया बनता है।
मानसून में सबसे आम परेशानी है फ्लाइट का देरी से आना या रद्द होना. ट्रैवल इंश्योरेंस में फ्लाइट डिले कवरेज के तहत निर्धारित समय से ज्यादा देरी होने पर मुआवजा मिल सकता है, हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि अगर देरी की वजह असाधारण परिस्थिति हो, यानी एयरलाइन के नियंत्रण से बाहर की बात हो, तो कंपनी हमेशा नुकसान की भरपाई करना के लिए जिम्मेदार नहीं है।
मेडिकल इमरजेंसी भी है कवर
अगर खराब मौसम की वजह से पूरी ट्रिप ही रद्द करनी पड़े, तो ट्रिप कैंसिलेशन कवरेज के जरिए होटल और सफर बुकिंग में खर्च हुए पैसे वापस मिल सकते हैं. हालांकि अगर कैंसिलेशन किसी नॉन कवर्ड वजह से हो, जैसे सिर्फ मौसम खराब लगने की वजह से खुद ट्रिप कैंसिल करना, तो कंपनी मुआवजा नहीं देगी।
इसके अलावा पॉलिसी में मेडिकल इमरजेंसी, अस्पताल में भर्ती होने का खर्च और इमरजेंसी इवैक्युएशन जैसी सुविधाएं भी शामिल होती हैं, जो पहाड़ी या दुर्गम इलाकों में सफर करने वालों के लिए खासतौर पर अहम हो जाती हैं।
सामान खोने और देरी का भी है कवरेज
बारिश में सफर के दौरान सामान भीगने, खोने या देरी से मिलने की आशंका भी बढ़ जाती है. ज्यादातर पॉलिसी में इसके लिए भी अलग से कवरेज मिलता है, जिससे नुकसान की भरपाई हो सके. साथ ही घरेलू यात्रा बीमा में भी सामान की चोरी और ट्रिप में देरी जैसे हालातों के लिए आर्थिक सहायता का इंतजाम होता है।
पॉलिसी खरीदते वक्त प्रीमियम के साथ यह जरूर देखें कि उसमें मेडिकल इमरजेंसी, ट्रिप कैंसिलेशन और सामान खोने जैसे जरूरी कवरेज शामिल हैं या नहीं. साथ ही ऐसी कंपनी चुनें जिसका क्लेम सेटलमेंट रिकॉर्ड अच्छा हो, ताकि जरूरत पड़ने पर क्लेम मिलने में दिक्कत न आए।



