CabBooking : कैब बुकिंग में टिप को लेकर सरकार का बड़ा फैसला
Complaints received regarding tipping before the trip.
CabBooking : कैब बुकिंग में टिप को लेकर सरकार का बड़ा फैसला :- कैब बुक करने से पहले ही ड्राइवर को टिप देने का विकल्प अब कैब यूजर्स के लिए परेशानी का कारण नहीं बनेगा। सरकार ने यात्रा शुरू होने से पहले टिप देने की व्यवस्था को भ्रामक और अनुचित व्यापार व्यवहार माना है। उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने बुधवार को बताया कि कैब एग्रीगेटर कंपनियों को ऐसी व्यवस्था बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब एक दिन पहले ही केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने कैब और बाइक-टैक्सी प्लेटफॉर्म रैपिडो पर अनुचित व्यापार गतिविधियों के लिए 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। जांच में यात्रा शुरू होने से पहले ड्राइवर को टिप देने का विकल्प भी शामिल था।
यात्रा से पहले टिप देने को लेकर मिलीं शिकायतें
PTI/भाषा के अनुसार निधि खरे के मुताबिक, राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन को कैब एग्रीगेटर कंपनियों के खिलाफ बड़ी संख्या में शिकायतें मिली हैं। इनमें एक प्रमुख शिकायत यह थी कि यात्रा शुरू होने से पहले ही यूजर्स के सामने टिप देने का विकल्प दिखाया जाता था।
शिकायतों में यह भी सामने आया कि कुछ मामलों में उपभोक्ताओं पर टिप देने का दबाव बनाया जा रहा था। यूजर्स को कथित तौर पर यह आशंका रहती थी कि अगर उन्होंने टिप नहीं दी तो उन्हें कैब नहीं मिलेगी।
खरे ने कहा कि सरकार ने इस व्यवस्था की जांच के बाद इसे भ्रामक और अनुचित व्यापार व्यवहार माना है। उनके अनुसार, विस्तृत जांच और सुनवाई के बाद इस तरह की व्यवस्था को बंद करने का आदेश दिया गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि टिप देना पूरी तरह स्वैच्छिक होना चाहिए। ग्राहक को यात्रा पूरी होने के बाद यह तय करने का विकल्प मिलना चाहिए कि वह ड्राइवर को टिप देना चाहता है या नहीं। यानी कैब बुक करते समय टिप को लेकर किसी तरह का दबाव नहीं होना चाहिए।
उपभोक्ता मामलों की सचिव ने बताया कि प्राधिकरण की ओर से प्रमुख कैब सेवा प्रदाताओं Uber और Ola की कारोबारी गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
यह जांच केवल टिप से जुड़े मामलों तक सीमित नहीं है। भारत में काम कर रहे कैब और बाइक-टैक्सी एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म की व्यापक जांच की जा रही है।



