WorldReligionStatistics : दुनिया में सबसे ज्यादा नास्तिक कहा रहते हैं ?
On the other hand, there are also people who distance themselves from all these matters and say...
WorldReligionStatistics : दुनिया में सबसे ज्यादा नास्तिक कहा रहते हैं ? :- दुनिया में एक या दो नहीं बल्कि कई धर्म हैं और उनको माने वालों की संख्या भी बहुत बड़ी है. इसका सबसे बड़ा उदाहरण, ईसाई, इस्लाम और सनातन धर्म है. तीनों ही धर्म को मानने वालों की संख्या कई करोड़ों में है और आज लगभग हर देश में इन धर्मों को मानने वाले लोग रहते हैं. धर्म को लेकर कहा जाता है कि धर्म इंसान को जीना सिखाती है, बेहतर जिंदगी की राह दिखाती है और जिसने सभी को बनाया और संसार को बनाया और जो इसे चला रहा है, उसके बारे में बताती है।
लेकिन वहीं दूसरी तरफ ऐसे भी लोग हैं, जो इन सब बातों से दूरी बनाते हैं और कहते हैं कि खुदा या भगवान नहीं होता है और वह धर्म पर भी विश्वास नहीं रखते. ऐसे लोगों को नास्तिक कहा जाता है, जो किसी को नहीं मानते. लेकिन क्या आप जानते हैं दुनिया में सबसे ज्यादा नास्तिक लोग कहा रहते हैं? आइए जानते हैं इस सवाल का हैरान कर देने वाला जवाब।
आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत के पड़ोस में स्थित चीन में सबसे ज्यादा नास्तिक लोग रहते हैं. डब्ल्यूआईएन गैलप इंटरनेशनल जैसे कई अंतरराष्ट्रीय सर्व के मुताबिक चीन की लगभग 91% आबादी नास्तिक या फिर गैर धार्मिक है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन की लगभग 9% के आसपास की आबादी किसी न किसी धर्म से जुड़ी हुई है, जिन्हें में बौद्ध धर्म, ताओ धर्म, ईसाई धर्म और इस्लाम को मानने वाले लोग शामिल हैं. ये आंकड़े भले ही कम लगते हैं, लेकिन चीन दुनिया का दूसरा सबसे ज्यादा आबादी वाला देश है, इस लिहाज से आस्तिक यानी धर्मों को मानने वाले लोगों की संख्या बहुत कम नहीं है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, भले ही चीन में नास्तिक या गैर धार्मिक लोगों की संख्या 91% है, लेकिन इसे ठीक से समझना जरूरी है. इन आंकड़ों में तकरीबन 67 से 68 प्रतिशत लोग पक्के नास्तिक है, जो सीधे तौर पर धर्म या भगवान की परिभाषा से इनकार करते हैं. बाकी बचे हुए लोग खुद को किसी पारंपरिक धर्म से नहीं जोड़ते।
दोनों के बीच फर्क जानना इसलिए जरूरी है क्योंकि गैर धार्मिक होने का मतलब यह नहीं की कोई व्यक्ति पूरी तरह से आध्यात्मिक या सांस्कृतिक मान्यताओं को नहीं मानता हो. यानी लोग परंपरा या मान्यताओं को फॉलो करते हैं, लेकिन खुद को धर्म से नहीं जोड़ते हैं।




