LPGAlternative : LPG की जगह लेगा एथेनॉल? गडकरी ने पेश की नई स्वदेशी स्टोव तकनीक
The government no longer wants to limit the use of ethanol to just vehicles.
LPGAlternative : LPG की जगह लेगा एथेनॉल? गडकरी ने पेश की नई स्वदेशी स्टोव तकनीक :- केंद्रीय सड़क परिवहन और हाईवे मंत्री नितिन गडकरी ने एक ऐसी नई तकनीक पेश की है, जो आने वाले समय में घरों की रसोई की तस्वीर बदल सकती है. नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने एथेनॉल बेस्ड नए स्टोव का प्रदर्शन किया।
दावा किया गया है कि ये तकनीक पारंपरिक LPG गैस सिलेंडर से सस्ती, सुरक्षित और पर्यावरण के लिए बेहतर साबित हो सकती है. गडकरी के मुताबिक, ये स्टोव सीधे एथेनॉल से नहीं चलता, बल्कि एथेनॉल और पानी के मिश्रण से आग पैदा करता है।
इस मिश्रण से बनने वाली फ्लेम खाना पकाने के लिए इस्तेमाल की जा सकती है. उन्होंने कहा कि ये पूरी तरह स्वदेशी तकनीक है और इससे आम लोगों का रसोई खर्च कम हो सकता है।
भारत लंबे समय से पेट्रोल और डीजल के आयात पर निर्भर रहा है. ऐसे में सरकार लगातार वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है. एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम के तहत पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने का स्तर 2014 में करीब 1.5 प्रतिशत था, जो अब 20 प्रतिशत तक पहुंच चुका है।
अब सरकार एथेनॉल के इस्तेमाल को सिर्फ वाहनों तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि घरेलू इस्तेमाल में भी इसे बढ़ावा देने की योजना बना रही है. गडकरी ने ये भी कहा कि नई तकनीक प्रदूषण कम करने में मदद करेगी. एथेनॉल को साफ ईंधन माना जाता है, जिससे कार्बन उत्सर्जन कम होता है. यही वजह है कि सरकार बायोफ्यूल सेक्टर को तेजी से बढ़ावा दे रही है।
हालांकि अभी ये तकनीक शुरुआती चरण में है और इसे आम लोगों तक पहुंचने में समय लग सकता है. लेकिन अगर इसकी लागत कम रही और सुरक्षा मानकों पर ये खरी उतरी, तो आने वाले सालों में भारतीय रसोई में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर ये तकनीक बड़े स्तर पर सफल होती है तो इससे LPG पर निर्भरता कम हो सकती है. साथ ही किसानों को भी फायदा होगा, क्योंकि एथेनॉल का उत्पादन गन्ना और बाकी कृषि उत्पादों से किया जाता है. इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।



