SaraAliKhan : केदारनाथ दर्शन को लेकर चर्चा में सारा अली खान, मौलाना का बयान वायरल
Additionally, he has advised the actress to repent for her actions and seek forgiveness from Allah.
SaraAliKhan : केदारनाथ दर्शन को लेकर चर्चा में सारा अली खान, मौलाना का बयान वायरल :- बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान एक बार फिर अपने धार्मिक दौरे को लेकर चर्चा में हैं। एक्ट्रेस मुस्लिम होते हुए भी हिंदू धर्म में विश्वास रखती हैं और धर्मिक स्थलों और तीर्थों के दर्शन करती रहती हैं। वो कई बार केदारनाथ मंदिर के दर्शन के लिए भी जा चुकी हैं।
उज्जैन महाकाल के दर्शन के साथ कई और ज्योतिर्लिंग के सारा अली खान ने दर्शन किए हैं और वो खुद शिव भक्त भी बताती हैं। दरअसल सारा अली खान के पिता सैफ अली खान भले ही मुस्लमान हैं, लेकिन उनकी मां अमृता सिंह हिंदू हैं और इसी के चलते उनका बचपन से ही हिंदू पूजा-पाठ की ओर रुझान रहा है, लेकिन कई धर्म के ठेकेदारों को उनका ऐसा करना पसंद नहीं आता और उनकी धर्मिक यात्रा चर्चा का विषय बन जाती हैं।
इस बार भी ठीक ऐसा ही हुआ है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने केदारनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करने को लेकर उनके खिलाफ फतवा जारी किया है। मौलाना ने सारा के इस कदम को इस्लामी शरीयत के खिलाफ बताते हुए इसे नाजायज और हराम करार दिया है।
साथ ही उन्होंने अभिनेत्री को अपने इस कृत्य के लिए तौबा करने और अल्लाह से माफी मांगने की नसीहत दी है। इस बयान के बाद धार्मिक आस्था और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को लेकर बहस तेज होने की संभावना है।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी के मुताबिक, कुछ मुस्लिम युवाओं ने उनसे सवाल किया था कि क्या किसी मुस्लिम महिला का मंदिर में जाकर पूजा-पाठ करना या दर्शन करना शरीयत के अनुसार सही है।
इसी सवाल के जवाब में उन्होंने अपना धार्मिक मत सामने रखा। मौलाना का कहना है कि इस्लामी शरीयत के मुताबिक किसी भी मुस्लिम पुरुष या महिला के लिए दूसरे धर्म के धार्मिक स्थलों पर जाकर वहां की पूजा-पद्धति अपनाना या मूर्ति पूजा करना जायज नहीं है।
उन्होंने सारा अली खान के केदारनाथ मंदिर जाने का जिक्र करते हुए कहा कि अभिनेत्री ने वहां दर्शन करने के साथ पूजा-अर्चना भी की थी। मौलाना के अनुसार इस तरह की धार्मिक गतिविधियां शरीयत की नजर में नाजायज और हराम हैं। उन्होंने अपने बयान में सारा के इस कदम को गंभीर धार्मिक गलती बताते हुए उनके आचरण पर सवाल उठाए।
मौलाना ने अपने बयान में सारा अली खान के मंदिर में पूजा करने को बड़ा गुनाह बताया। उनके मुताबिक अभिनेत्री ने केदारनाथ मंदिर में पूजा-पाठ के लिए समय दिया और वहां धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लिया, जो उनकी धार्मिक व्याख्या के अनुसार स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले में सारा को अपने किए पर पछतावा करना चाहिए।
हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि फतवा मौलाना की धार्मिक व्याख्या और राय को दर्शाता है। इसे किसी अदालत के फैसले या कानूनी सजा के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। इस मामले में सारा अली खान की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।



