FSSAINotice14Brands : ‘हेल्दी’ और ‘ऑर्गेनिक’ के नाम पर आपके साथ धोखा !
These 14 major brands exposed—find out the truth behind their claims.
FSSAINotice14Brands : ‘हेल्दी’ और ‘ऑर्गेनिक’ के नाम पर आपके साथ धोखा ! :- आजकल बाजार में ‘हेल्दी’, ‘शुगर-फ्री’ और ‘ऑर्गेनिक‘ उत्पादों की बाढ़ सी आ गई है। स्वास्थ्य के प्रति जागरूक उपभोक्ता अक्सर आकर्षक पैकेजिंग और लुभावने दावों के जाल में फंस जाते हैं और इन उत्पादों के लिए मुंहमांगी कीमत चुकाते हैं। लेकिन क्या ये प्रोडक्ट वाकई उतने ही सेहतमंद हैं, जितना वे दावा करते हैं ?
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने हाल ही में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए देश के 14 नामी फूड ब्रांड्स को नोटिस जारी किया है। इन कंपनियों पर ग्राहकों को गुमराह करने, मेडिकल दावे करने और खराब हाइजीन के गंभीर आरोप लगे हैं। FSSAI ने सख्त रुख अपनाते हुए इन सभी को तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने और जवाब दाखिल करने का अल्टीमेटम दिया है। आइए, एक-एक करके जानते हैं कि किस ब्रांड ने ग्राहकों के साथ कैसा धोखा किया है।
इन 14 बड़े ब्रांड्स की खुली पोल, जानिए क्या है इनके दावों की सच्चाई
1. प्लक्क मैंगो फ्रूट जूस
दावा: पैकेट के ठीक सामने बड़े अक्षरों में “नो ऐडेड शुगर” लिखा गया था। सच्चाई: जब FSSAI ने पीछे दी गई सामग्री की जांच की, तो पता चला कि जूस में 51% आम का पल्प और 49% गन्ने का रस मिलाया गया है। गन्ने का रस प्राकृतिक रूप से शुगर ही है, इसलिए ‘नो ऐडेड शुगर’ का दावा पूरी तरह से ग्राहकों को भ्रमित करने वाला पाया गया।
2. नेचुरल पनीर
दावा: ब्रांड ने अपने प्रोडक्ट को बाजार में “नेचुरल पनीर” नाम से उतारा था। सच्चाई: FSSAI के अनुसार, किसी भी प्रोडक्ट के नाम में ‘नेचुरल’ शब्द का इस तरह से इस्तेमाल करना फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स रेगुलेशंस 2018 के ‘शेड्यूल V’ के नियमों का सीधा उल्लंघन है।
3. गौर हेल्दी फूड – सिल्कन टोफू
दावा: पैकेट पर “100% वेज”, “विटामिन्स से भरपूर” और सबसे चौंकाने वाला “कैंसर-रोधी गुण” का दावा किया गया था। सच्चाई: FSSAI ने इसे गंभीर माना है। खाद्य पदार्थों पर बिना मेडिकल प्रमाण के किसी भी बीमारी (जैसे कैंसर) को ठीक करने का दावा करना सख्त वर्जित है। साथ ही, विटामिन्स की कोई सटीक मात्रा भी पैकेट पर नहीं बताई गई थी।
दावा: युवाओं में मशहूर इस नूडल्स ब्रांड ने पैकेट पर “100% नेचुरल”, “फ्रेशली मेड” और इसे “हाई-क्वालिटी ऑर्गेनिक फ्लोर” से बना बताया था। सच्चाई: जब पीछे सामग्री की सूची पढ़ी गई, तो उसमें “प्रीमियम क्वालिटी व्हाइट फ्लोर” लिखा था, जिसे आम भाषा में मैदा कहा जाता है। ऑर्गेनिक आटे के नाम पर मैदा बेचना एक बहुत बड़ा धोखा है।
5. फेरैरो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड – किंडर जॉय
दावा: बच्चों के बीच बेहद लोकप्रिय किंडर जॉय के पैकेट पर “मिल्क सॉलिड्स से भरपूर” का दावा किया गया था। सच्चाई: नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि प्रोडक्ट की बनावट और इस्तेमाल की गई सामग्री इस बात की बिल्कुल पुष्टि नहीं करती है कि इसमें दूध का हिस्सा मुख्य या प्रमुख है। यह बच्चों के माता-पिता को लुभाने की एक मार्केटिंग ट्रिक पाई गई।
6. मेडिज़न लैब्स – एटम PWR व्हे XL
दावा: जिम जाने वालों के बीच बिकने वाले इस व्हे प्रोटीन पर “प्योर एंड हेल्दी”, “100% ऑथेंटिक”, “ईजी डाइजेस्ट” और “रैपिड रिकवरी” जैसे भारी-भरकम दावे किए गए थे। सच्चाई: FSSAI की जांच में इन बड़े-बड़े दावों को साबित करने के लिए कंपनी के पास कोई भी ठोस वैज्ञानिक प्रमाण (Scientific Proof) नहीं मिला।
7. सफोला टोटल हार्ट प्रो कुकिंग ऑयल
दावा: दिल की सेहत के प्रति जागरूक लोगों को टारगेट करने के लिए तेल के पैकेट पर “हार्ट प्रो”, “गुड फैट्स बैलेंस” और “लोसॉर्ब” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया। सच्चाई: बिना FSSAI की पूर्व अनुमति के ‘हार्ट (दिल)’ के चित्र या ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करना जो दिल की सेहत सुधारने का संकेत देते हों, गैरकानूनी है। रेगुलेटर ने कंपनी से इन दावों को सिद्ध करने के लिए वैज्ञानिक सबूत तलब किए हैं।
8. ओरविले – माउंटेन बावर्ची बुरांश स्क्वैश
दावा: बुरांश के औषधीय गुणों का बखान करते हुए प्रोडक्ट बेचा जा रहा था। सच्चाई: लेबल पर सबसे जरूरी जानकारी यानी बुरांश के पल्प का प्रतिशत ही गायब था। इसके अलावा पैकेजिंग पर बिना मंजूरी के औषधीय दावे भी लिखे पाए गए।
बीकानेरवाला – साफ-सफाई पर उठे सवाल
सोशल मीडिया पर एक वीडियो/शिकायत वायरल हुई थी जिसमें बीकानेरवाला के किचन/सर्विस एरिया में काम चालू रहने के दौरान एक कर्मचारी वहीं पर खाना खा रहा था। यह घोर हाइजीन उल्लंघन है। FSSAI ने तुरंत एक्शन लेते हुए कंपनी को पूरी जांच रिपोर्ट, कर्मचारियों की स्वच्छता से जुड़े ‘SOP’ और ‘एक्शन टेकन रिपोर्ट’ जमा करने का आदेश दिया है।



