BadrinathDhamYatra : जानिए कितनी चाबी से खुलते हैं बद्रीनाथ धाम के कपाट ?
Numerous traditions are observed when opening the portals of Badrinath Dham.
BadrinathDhamYatra : जानिए कितनी चाबी से खुलते हैं बद्रीनाथ धाम के कपाट ? :- उत्तरखंड में हर साल वैशाख मास से चार धाम यात्रा की शुरूआत होती है। इस बार ये यात्रा 10 मई से शुरू हो चुकी है। चार धाम यात्रा के अंतर्गत केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनौत्री आते हैं।
इनमें से बद्रीनाथ के छोड़कर अन्य धर्म स्थलों के कपाट दर्शन के लिए खुल चुके है। 12 मई, रविवार को बद्रीनाथ के कपाट भी आम भक्तों के लिए खोल दिए जाएंगे। इस मंदिर से जुड़ी कईं रोचक बातें हैं, जिनके बारे में कम ही लोगों को जानकारी है। आगे जानिए बद्रीनाथ मंदिर से जुड़ी रोचक बातें…
बद्रीनाथ धाम के कपाट खोलते समय अनेक परंपराएं निभाई जाती हैं। इस मंदिर के कपाट 1 नहीं बल्कि 3 चाबी से खुलते हैं। ये चाबियां अलग-अलग लोगों के पास होती है।
बद्रीनाथ धाम की एक चाबी उत्तराखंड के टिहरी राज परिवार के राज पुरोहित के पास होती है। दूसरी चाबी बद्रीनाथ धाम के हक हकूकधारी मेहता लोगों के पास होती है और तीसरी हक हकूकधारी भंडारी लोगों के पास।
कौन करता है सबसे पहले मंदिर में पूजा ?
बद्रीनाथ धाम के दरवाजे खुलते ही सबसे पहले रावल (पुजारी) प्रवेश करते हैं और गर्भगृह में जाकर भगवान की प्रतिमा के ऊपर से कपड़ा हटाते हैं व अन्य प्रक्रियाएं पूरी करते हैं।
सर्वप्रथम पूजा भी रावल ही करते हैं। इसके बाद मंदिर आम दर्शनार्थियों के लिए खोला जाता है।शीत ऋतु के शुरू होने पर जब बद्रीनाथ मंदिर के कपाट बंद किए जाते हैं तो भगवान की प्रतिमा पर घी का लेप लगाया जाता है और इसके ऊपर ये कपड़ा लपेटा जाता है।
जब मंदिर के कपाट खोले जाते हैं और भगवान की प्रतिमा पर से कपड़ा हटाया जाता है तो ये देखा जाता है कि मूर्ति घी से पूरी तरह लिपटी है या नहीं। अगर लिपटी है तो ऐसा माना जाता है कि इस साल देश में खुशहाली रहेगी। घी कम है तो सूखा या बाढ़ की स्थिति बन सकती है।



