HaridwarNews : नल की टोटी से मिड-डे मील तक! हरिद्वार में स्कूलों का रियलिटी चेक करने खुद पहुंचे DM
The District Magistrate gathered information regarding the students studying at the primary school and the teachers employed there.
HaridwarNews : नल की टोटी से मिड-डे मील तक! हरिद्वार में स्कूलों का रियलिटी चेक करने खुद पहुंचे DM :- हरिद्वार में शिक्षा व्यवस्था की हालत कैसी है और जेन अल्फ़ा यानी बच्चों को किसी तरह की समस्या है या उन्हें सरकारी योजनाओं की सुविधाओं का क्या सचमुच लाभ मिल रहा है इसकी हकीकत जानने खुद डीएम मयूर दीक्षित सरकारी स्कूल की क्लास में पहुंचे और बास्ते से किताबें निकाल कर देखी , स्कूल कैम्पस में नल की टोटी , फर्नीचर , मिड डे मील की क्वालिटी और पढ़ाई का माहौल भी चेक किया और बच्चों से उनका फीडबैक भी लिया।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय संख्या-3, ज्वालापुर तथा राजकीय प्राथमिक विद्यालय संख्या-18, कनखल के औचक निरीक्षण के दौरान विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था, मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) की गुणवत्ता, स्वच्छता तथा विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही अन्य सुविधाओं का गहन निरीक्षण किया। जिलाधिकारी कक्षाओं में पहुंचकर छात्र-छात्राओं से बातें की और उन्हें पढ़ाए जा रहे पाठ्यक्रम से संबंधित प्रश्न पूछकर उनकी शैक्षणिक प्रगति की जानकारी ली। साथ ही बच्चों से मिड-डे मील की गुणवत्ता, भोजन की नियमितता के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता है कि जनपद के प्रत्येक शिक्षण संस्थान में छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो। इसी उद्देश्य से विद्यालयों का लगातार औचक निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि शिक्षा, मध्याह्न भोजन, स्वच्छता एवं अन्य सभी मूलभूत सुविधाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सभी शिक्षकों की नैतिक जिम्मेदारी है। शिक्षकों को पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करना चाहिए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि बच्चों के मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने बच्चों के भोजन में हरी सब्जी शामिल के भी निर्देश दिए गए तथा सभी विद्यालयों में स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन निर्धारित मानकों के अनुसार उपलब्ध कराया जाए तथा विद्यालय परिसर, कक्षाओं, शौचालयों और पेयजल व्यवस्था की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय में अध्ययनरत छात्र छात्रों एवं कार्यरत शिक्षकों की संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने शिक्षकों को समय-समय पर छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के साथ बैठक आयोजित करने के निर्देश भी दिए, ताकि बच्चों की शिक्षा, उपस्थिति और प्रगति में अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके।



