JusticeForAnkita : अंकिता भंडारी केस पर CM धामी का बयान! बोले—न्याय मिलना सर्वोपरि
The Chief Minister stated that the folk culture of Uttarakhand is extremely rich and diverse.
JusticeForAnkita : अंकिता भंडारी केस पर CM धामी का बयान! बोले—न्याय मिलना सर्वोपरि :- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हल्द्वानी में आयोजित ‘कुमाऊं द्वार महोत्सव’ में शामिल होने पहुंचे थे। इस अवसर पर उन्होंने महोत्सव में उत्तराखण्ड की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और लोक कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए आयोजकों के प्रयासों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हल्द्वानी कुमाऊं का प्रवेश द्वार होने के साथ ही पर्वतीय समाज के लिए विशेष महत्व रखता है। यह क्षेत्र कुमाऊं की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक जीवनशैली और लोक कलाओं की विशिष्ट पहचान को व्यापक मंच प्रदान करता है। महोत्सव में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि प्रदेशवासी अपनी सांस्कृतिक जड़ों और परंपराओं से गहराई से जुड़े हुए हैं।
उन्होंने अंकिता भंडारी प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी बेटी को न्याय दिलाना समाज और व्यवस्था की गंभीर जिम्मेदारी है। इस संवेदनशील मामले में न्यायिक प्रक्रिया, तथ्यों और प्रमाणों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने प्रकरण में न्यायालय द्वारा दोषियों को सुनाई गई सजा और जमानत याचिकाओं से संबंधित न्यायिक कार्यवाही का उल्लेख करते हुए कहा कि कानून के अनुसार चलने वाली प्रक्रिया का सम्मान किया जाना चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि बहन अंकिता को न्याय मिलना सर्वोपरि है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी संवेदनशील मामले को राजनीतिक लाभ का माध्यम बनाने के बजाय तथ्यों के आधार पर संवाद किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति अत्यंत समृद्ध और विविधतापूर्ण है। यहां के लोकगीतों और लोकनृत्यों में पर्वतीय जीवन, प्राकृतिक सौंदर्य, ऋतु परिवर्तन, लोक आस्थाओं और गौरवशाली इतिहास की झलक देखने को मिलती है।
छोलिया नृत्य, झोड़ा, चांचरी, बरदा नाटी और न्योली जैसी लोक विधाएं प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को संजोए हुए हैं। इसी प्रकार बेड़ा गीत, मांगल गीत और चैती गीत जैसी पारंपरिक गायन शैलियां उत्तराखण्ड के सामाजिक एवं सांस्कृतिक जीवन का अभिन्न अंग हैं।
उन्होंने उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन के दौरान हुए रामपुर तिराहा गोलीकांड का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान को प्रदेश की जनता आज भी याद करती है। राज्य आंदोलन के दौरान आंदोलनकारियों ने अनेक कठिनाइयों का सामना किया और उत्तराखण्ड राज्य के निर्माण के लिए संघर्ष किया।
ऐसे ऐतिहासिक संदर्भों के बीच प्रदेश के लोगों के सम्मान से जुड़ी टिप्पणियां और भी संवेदनशील हो जाती हैं। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा के लिए समर्पित व्यक्तित्वों के संबंध में राजनीतिक बयान देते समय राष्ट्रहित और सार्वजनिक जीवन की मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए।


