DiwaliBonus : बोनस रोका तो कंपनी पर हो सकती है कार्रवाई! कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर
Which employees receive a bonus?
DiwaliBonus : बोनस रोका तो कंपनी पर हो सकती है कार्रवाई! कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर :- दीपावली का त्यौहार कुछ दिनों में ही आने वाला है. इस त्यौहार को लेकर कई दिनों पहले से ही तैयारियां शुरू हो जाती है. ऐसे में कई कंपनियां भी अपने कर्मचारियों को तोहफे, मिठाई और कुछ बोनस देती हैं. इस साल भी कर्मचारियों को बोनस मिलने का इंतजार है. ताकि वो त्यौहार की खरीदारी और दूसरे खर्च पूरे कर सकें.लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ कर्मचारियों को बोनस देना कानून के तहत जरूरी है? अगर कंपनी नियमों के बावजूद बोनस नहीं देती है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है. आइये जानते हैं।
क्या कहता है कानून?
भारत में कर्मचारियों को बोनस देने से जुड़े नियम पहले पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट, 1965 (Payment of Bonus Act, 1965) के तहत तय किए गए थे. इस कानून के तहत पात्र कर्मचारियों को निर्धारित शर्तों के अनुसार बोनस देना जरूरी था.हालांकि, 21 नवंबर 2025 से लागू किए गए नए श्रम कानूनों में बोनस से जुड़े प्रावधानों को कोड ऑन वेजेज, 2019 (Code on Wages, 2019) में शामिल किया गया है. इसलिए बोनस से जुड़े मामलों में लागू कानूनी प्रावधान और संबंधित नियम देखना जरूरी है।
किन कर्मचारियों को मिलता है बोनस?
बोनस का लाभ हर कर्मचारी को अपने आप नहीं मिलता. इसके लिए कर्मचारी की सैलरी, काम की अवधि, कंपनी की पात्रता और लागू नियमों को ध्यान में रखा जाता है. कानून के तहत पात्र कर्मचारियों को निर्धारित शर्तें पूरी करने पर मिनिमम बोनस देने का प्रावधान है. पहले के पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट में पात्र कर्मचारियों के लिए न्यूनतम बोनस 8.33% और अधिकतम बोनस 20% तक निर्धारित था।
नए कानून के तहत लागू वेतन सीमा और संबंधित नियमों के अनुसार पात्रता तय की जाती है. ये भी ध्यान रखना जरूरी है कि दीवाली पर अलग से बोनस देना हर कंपनी के लिए जरूरी नहीं है. कानून के तहत मिलने वाला सालाना बोनस और कंपनी की ओर से त्यौहार पर दिया जाने वाला एक्स्ट्रा बोनस अलग-अलग हो सकते हैं।
बोनस नहीं देने पर होगी कार्रवाई?
अगर कोई कंपनी कानून के तहत पात्र कर्मचारी को अनिवार्य बोनस नहीं देती है, तो उसके खिलाफ शिकायत की जा सकती है. मामले की जांच के बाद कंपनी पर जुर्माना या अन्य कानूनी कार्रवाई हो सकती है. कुछ परिस्थितियों में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान भी हो सकता है. हालांकि बोनस नहीं देने पर बॉस को सीधे जेल हो जाएगी, ऐसा कहना सही नहीं है. कार्रवाई मामले की परिस्थितियों और लागू कानूनी प्रावधानों पर निर्भर करती है।
क्या करें कर्मचारी?
अगर कंपनी ने पात्र होने के बावजूद बोनस नहीं दिया है, तो कर्मचारी पहले HR डिपार्टमेंट या कंपनी के मैनेजमेंट से लिखित में जानकारी मांग सकते हैं. समाधान नहीं मिलने पर संबंधित श्रम विभाग या श्रम अधिकारी से शिकायत की जा सकती है।



