BJPVsCongress : प्रदेश के हर थाने में दर्ज कराई FIR : गणेश गोदियाल
The Uttarakhand Congress President states that the FIR demands action against the guilty.
BJPVsCongress : प्रदेश के हर थाने में दर्ज कराई FIR : गणेश गोदियाल :- उत्तराखंड में शुद्धिकरण का मामला अब और गरमा रहा है. राहुल गांधी के दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस करने के बाद उत्तराखंड में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई, जिसके बाद कांग्रेस हरकत में आई. सबसे पहले कांग्रेस की सांसद कुमारी शैलजा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की, फिर उत्तराखंड कांग्रेस ने यह निर्णय लिया कि राहुल गांधी पर एफआईआर दर्ज कराने के खिलाफ पूरे प्रदेश भर में भाजपा नेताओं के खिलाफ अब कांग्रेस एफआईआर दर्ज कराएगी. उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मीडिया को बताया कि मंगलवार दोपहर तक 123 थानों में कांग्रेस के विभिन्न पदाधिकारियों ने भाजपा नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है।
सरकारी आंकडों के अनुसार उत्तराखंड में कुल 167 थाने और चौकियां हैं. जब ,मीडिया ने गणेश गोदियाल से यह जानना चाहा कि आखिर ये आईडिया कहां से आया कि उत्तराखंड के सभी थानों में एफआईआर दर्ज कराई जाए तो उन्होंने कहा कि यह आइडिया प्रदेश कमेटी की बैठक के दौरान ही आया, जब वह अपने पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे।
पहले यह हुआ कि कुछ एफआईआर दर्ज हो, फिर यह तय हुआ कि हर थाने में कांग्रेस का कार्यकर्ता या पदाधिकारी जा कर एफआईआर दर्ज कराएगा. गणेश गोदियाल की बातों से साफ है कि दिल्ली आलाकमान से प्रदेश ईकाई को एफआईआर दर्ज कराने का कोई निर्देश नहीं दिया गया था और यह उत्तराखंड कांग्रेस का ओरिजिनल आईडिया है।
उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष का कहना है कि एफआईआर में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है. ये सारे एफआईआर श्रीराम सेना धमार्थ सेवा न्यास के खिलाफ किए गए हैं. इसी न्यास के अमित कुमार ने 30 अगस्त को राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का कहना है कि असली दोषी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री हैं, जिनकी शह पर यह सब किया गया है. हालांकि भाजपा ने इस न्यास से अपनी दूरी बना रखी है. उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का कहना है कि इन एफआईआर के जरिए वो कोई राजनीतिक मतलब नहीं साधना चाहते है और ये काम भाजपा ने अपने राजनीतिक फायदे के लिए किया है।
मगर राजनीति के जानकारों का मानना है कि हल्द्वानी के इस दलित शुद्धिकरण के जरिए कांग्रेस पंजाब और उत्तरप्रदेश चुनाव में दलित वोट बैंक में सेंध लगाने की योजना बना रही है. इन दोनों राज्यों में अच्छी खासी आबादी दलित मतदाताओं की है. रही बात उत्तराखंड की तो वहां करीब 19 फीसदी दलित आबादी है और उत्तराखंड की 70 विधानसभाओं में से 21 पर हार जीत को प्रभावित करते हैं।
इसलिए कांग्रेस को इस मुद्दे को तूल देने में कोई नुकसान नहीं है. कांग्रेस अब 7 सितंबर को देहरादून में एक बड़ी रैली की तैयारी कर रही है और यह कांग्रेस का पहला शक्ति प्रदर्शन होगा. इस रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे या राहुल गांधी शामिल होंगे या नहीं इसकी अभी कोई पुष्टि नहीं कर रहा है।



