MigraineAwareness : माइग्रेन को सिरदर्द समझना पड़ता है भारी
Some people may experience certain changes one or two days before a migraine attack.
MigraineAwareness : माइग्रेन को सिरदर्द समझना पड़ता है भारी :- अब एक खबर आपकी सेहत से जुडी हुई है जिसके बारे में आपको सही जानकारी होना बेहद जरुरी है। अकसर हम महिलाओं में ख़ास कर एक शिकायत सुनते हैं और वो है माइग्रेन ….. माइग्रेन को आमतौर पर तेज सिरदर्द की समस्या माना जाता है, लेकिन इसकी तस्वीर इससे कहीं बड़ी हो सकती है. कई लोगों में सिरदर्द शुरू होने से पहले ही शरीर कुछ संकेत देने लगता है, जबकि अटैक के दौरान मतली, रोशनी और आवाज से परेशानी जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
कुछ मामलों में नजर से जुड़े बदलाव और बोलने में परेशानी भी महसूस हो सकती है. इसलिए बार-बार होने वाले ऐसे लक्षणों को सामान्य सिरदर्द समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
माइग्रेन अटैक आने से एक या दो दिन पहले कुछ लोगों में ऐसे बदलाव नजर आ सकते हैं, जिन्हें वे अक्सर समझ नहीं पाते. मूड में बदलाव, गर्दन में अकड़न, बार-बार जम्हाई आना, खाने की खास चीजों की इच्छा बढ़ना या बार-बार पेशाब आना इसके शुरुआती संकेत हो सकते हैं. हालांकि हर व्यक्ति में ये सभी लक्षण दिखाई दें, यह जरूरी नहीं है।
माइग्रेन के दौरान धड़कता या तेज सिरदर्द होने के साथ मतली और उल्टी की समस्या हो सकती है. कई लोगों को तेज रोशनी और आवाज असहनीय लगती है, जबकि कुछ लोगों में तेज गंध या छूने से भी परेशानी बढ़ सकती है. माइग्रेन का दर्द इतना ज्यादा हो सकता है कि काम, पढ़ाई और रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित होने लगती हैं।
कुछ लोगों में माइग्रेन के साथ ऑरा की स्थिति बनती है. इसमें आंखों के सामने चमकती रोशनी, चमकीले धब्बे, टेढ़ी-मेढ़ी आकृतियां या नजर में बदलाव महसूस हो सकता है. इसके अलावा हाथ, पैर या चेहरे में झनझनाहट और सुन्नपन तथा बोलने में परेशानी भी हो सकती है. ऑरा के लक्षण आमतौर पर अस्थायी होते हैं और अक्सर एक घंटे से कम समय तक रहते हैं।
माइग्रेन का असर सिरदर्द खत्म होने के साथ हमेशा पूरी तरह समाप्त नहीं होता. अटैक के बाद व्यक्ति को काफी थकान, कमजोरी या उलझन महसूस हो सकती है और सामान्य ऊर्जा लौटने में समय लग सकता है. यही वजह है कि माइग्रेन को केवल दर्द के दौरान होने वाली समस्या मानना सही नहीं है।
माइग्रेन से परेशान लोगों के लिए नियमित नींद और समय पर भोजन करना महत्वपूर्ण हो सकता है. पर्याप्त पानी पीना, तनाव को नियंत्रित रखना और जिन चीजों से अटैक बढ़ता है उनसे बचना भी मददगार हो सकता है. कब माइग्रेन हुआ, उससे पहले क्या खाया-पिया, नींद कैसी रही और उस दौरान कौन-से लक्षण आए, इसकी डायरी रखने से संभावित ट्रिगर पहचानने में डॉक्टर को भी मदद मिल सकती है।
अचानक अलग तरह का सिरदर्द हो तो सावधान
अगर माइग्रेन बार-बार हो रहा है, पहले से ज्यादा गंभीर हो गया है या उसके लक्षणों का तरीका अचानक बदल गया है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. वहीं अचानक बेहद तेज सिरदर्द, बुखार के साथ गर्दन अकड़ना, भ्रम, दौरा, बोलने में परेशानी, नजर में गंभीर बदलाव, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन अथवा सिर पर चोट के बाद तेज सिरदर्द होने पर तुरंत चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए. ऐसे लक्षण किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकते हैं और इन्हें केवल माइग्रेन मानकर टालना ठीक नहीं है।



