Blog

ChanchalaLakshmi : माता लक्ष्मी को चंचला क्यों कहा जाता है ?

It is an undeniable truth that Goddess Lakshmi, the deity of wealth, is fickle by nature, despite being the consort of Lord Vishnu.

ChanchalaLakshmi : माता लक्ष्मी को चंचला क्यों कहा जाता है ? :-  मां लक्ष्मी को चंचला भी कहा जाता है, क्योंकि वो कहीं एक जगह ज्यादा दिन तक नहीं टिकती हैं। अगर आप अमीर हैं तो कल को गरीब भी हो सकते हैं, वक्त बदलते देर नहीं लगती है। अगर आप चाहते हैं कि मां लक्ष्मी आपके पास ही रहें और आपके पास से न जाएं तो इसके लिए आपको कुछ उपाय भी करने होंगे।

आज हम आपको कुछ ऐसे ही उपाय बताने वाले हैं जिसकी मदद से आप धन को अपने घर में रोक सकते हैं और हमेशा अमीर बने रह सकते हैं। अगर आप इन उपायों को अपनाएंगे तो न सिर्फ मां लक्ष्मी रुकेंगी बल्कि आपको और भी ज्यादा धनवान कर देंगी।

यह एक धुर्व सत्य है धन की देवी लक्ष्मी भगवान विष्णु की पत्नी होते हुए भी चंचल है , भगवन विष्णु जो की गंभीर व् धैर्यवान है जिनका स्वरूप शाश्वत व् चिर स्थाई है वही उनकी पत्नी लक्ष्मी चंचला है वे कही भी अधिक देर तक नहीं ठहरती यह सत्य है एक बार यही सवाल नारद जी ने अपने पिता ब्रम्हा जी से किया की लक्ष्मी चंचला क्यों ? तो उत्तर में ब्रम्हा जी ने कहा यदि लक्ष्मी किसी के यहां स्थाई हो जायगी तो वह व्यक्ति अपने अभिमान में चूर होकर तरह तरह के कुकर्म करेगा प्राणियों को सताएगा।

युगो से बहते धन के प्रवाह को कोई नहीं रोक सका धन व् ऐश्वर्य के मद में प्राणी यह भूल जाता है की उसके पूर्व जन्म के सत्कर्मो का फल है जो उसे सपन्नता के रूप में प्राप्त हुआ है और वह धन के मद में चूर होकर गलत कार्यो में लग जाता है | लक्ष्मी चंचल इसीलिए है कि कुछ समय बाद लक्ष्मी उसके पास से चलायमान हो जाती है इसलिए लक्ष्मी जी को चंचला कहा जाता है |

संस्कृत भाषा में “चंचला” का अर्थ होता है, जो एक स्थान पर स्थिर न रहे, जैसे हमारा मन। आपने अक्सर सुना होगा कि मन बहुत चंचल होता है। हमेशा गतिशील रहता है। माता लक्ष्मी को यह नाम देने के पीछे की वजह यह है कि धन और संपत्ति को कभी भी स्थायी नहीं माना गया है। जीवन में धन का आना और जाना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है।

आज जो व्यक्ति धनवान है, वह भविष्य में आर्थिक चुनौतियों का सामना कर सकता है। वहीं, कठिन परिस्थितियों में रहने वाला व्यक्ति भी समय के साथ समृद्ध बन सकता है।

लक्ष्मी प्राप्ति के स्वर्णिम सूत्र

नियमित रूप से घर की पहली रोटी गाय को और अंतिम रोटी कुत्ते को दें तो आपके भाग्य का द्वार खुलने से कोई नहीं रोक सकता।
नियमित रूप से हर शुक्रवार को श्रीसूक्त या लक्ष्मी सूक्त का पाठ किया जाए तो वहां मां लक्ष्मी का स्थाई रूप से वास होता है।

रोजाना सुबह उठकर सर्वप्रथम गृहलक्ष्मी अगर मुख्य द्वार पर एक लोटा जल डालें तो मां लक्ष्मी के आने का मार्ग प्रशस्त होता है।
आर्थिक संपन्नता के लिए नियमित रूप से पीपल के वृक्ष में जल अवश्य दें।

घर में पूजा करते समय जो घी का दीपक जलाया जाता है उसमें रुई की बत्ती के स्थान पर मौली का इस्तेमाल करें क्योंकि मां लक्ष्मी को लाल रंग अधिक प्रिय है।

Leena Kumari

InsideNewsPostUK is a digital news portal dedicated to delivering timely, accurate, and insightful coverage of current events across the world. From politics and business to entertainment, technology, and lifestyle, we aim to inform and engage readers with in-depth reporting, expert analysis, and diverse perspectives. With a commitment to journalistic integrity and digital innovation, InsideNewsPostUK strives to be a trusted source for breaking news and thoughtful commentary in a rapidly changing media landscape.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button