VatSavitriVrat : बरगद के पेड़ पर 7 बार क्यों लपेटा जाता है कच्चा धागा? जानिए धागा बांधने का सही तरीका
A Plea to the Trinity for a Protective Shield.
VatSavitriVrat : बरगद के पेड़ पर 7 बार क्यों लपेटा जाता है कच्चा धागा? जानिए धागा बांधने का सही तरीका :- हर साल ज्येष्ठ माह की अमावस्या के दिन सुहागिन महिलाएं वट सावित्री का व्रत रखती हैं. इस दिन सुहागिन महिलाओं द्वारा व्रत रखकर बरगद के पेड़ को पूजा की जाती है।
वट सावित्री का व्रत रखने से महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है. पति की आयु लंबी होती है. साथ ही वैवाहिक जीवन खुशहाल होता है. धार्मिक मान्यता है कि सावित्री ने मृत्यु के देवता यम को अपने पति सत्यवान के प्राण को लौटाने पर विवश कर दिया था।
यही कारण है कि पति की सकुशलता एवं दीर्घायु की कामना करते हुए विवाहित महिलाएं वट सावित्री का व्रत करती हैं. वट सावित्री व्रत के दिन दिन बरगद पेड़ की पूजा करने से यमराज की कृपा के साथ-साथ त्रिदेवों का भी आशीर्वाद मिलता है. इस दिन बरगद की पेड़ की पूजा करते समय उस पर सात बार कच्चा सूत लपेटा जाता है. आइए जानते हैं कि महिलाएं ऐसा क्यों करती हैं? इसके पीछे की धार्मिक मान्यता क्या है?
वट सावित्री का व्रत कब है ?
पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि 16 मई 2026 को सुबह 05 बजकर 11 मिनट पर शुरू हो रही है.
इस अमावस्या तिथि का समापन 16 मई को ही देर रात 01 बजकर 30 मिनट पर होगा।
ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, इस साल वट सावित्री का व्रत 16 मई 2026, शनिवार के दिन रखा जाएगा।
त्रिदेवों से सुरक्षा कवच की मांग
वट सावित्री व्रत के दिन पूजा के दौरान विवाहित महिलाओं द्वारा बरगद के पेड़ पर सात बार कच्चा सूत लपेटा जाता है. बिना ऐसा किए वट सावित्री व्रत की पूजा अधूरी मानी जाती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वट सावित्री व्रत के दिन बरगद पर कच्चा सूत लपटने से पति पर आने वाले सभी संकट और बाधाएं दूर होती हैं. साथ ही दांपत्य जीवन में सुख, शांति और प्यार बढ़ता है।
इतना ही नहीं इस दिन बरगद के पेड़ पर सूत लपटने से पति-पत्नी का साथ सात जन्मों तक रहता है. एक अन्य मान्यता के अनुसार, बरगद की जड़ में ब्रह्मा, तने में विष्णु और शाखाओं में महादेव वास करते हैं।
महिलाएं पेड़ के चारों ओर कच्चा सूत लपेटकर त्रिदेवों से अपने पति की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं. यही नहीं कच्चा सूत लपेटकर महिलाएं त्रिदेवों से अपने पति के लिए सुरक्षा कवच मांगती हैं।



