UttarakhandElectricity : प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को मिलेगी 30 दिन की राहत
The biggest relief is that the power supply will no longer be cut off immediately after the balance runs out.
UttarakhandElectricity : प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को मिलेगी 30 दिन की राहत :- उत्तराखंड में बिजली उपभोक्ताओं को प्रीपेड स्मार्ट मीटर व्यवस्था के प्रति आकर्षित करने और इसे अधिक व्यवहारिक बनाने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण राहत उपायों की घोषणा की है, राज्य में जहां लगभग 30 लाख बिजली कनेक्शन हैं, वहीं अब तक करीब 1500 उपभोक्ताओं के यहां ही स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा सके हैं।
सरकार का उद्देश्य इस नई व्यवस्था को अधिक स्वीकार्य बनाना है, जिसके लिए उपभोक्ताओं को कई सुविधाएं और छूट दी जा रही हैं, प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने वाले उपभोक्ताओं को अब कुल बिजली बिल पर 4 प्रतिशत की छूट दी जाएगी, जिससे उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी।
सबसे बड़ी राहत यह है कि बैलेंस खत्म होने के तुरंत बाद बिजली आपूर्ति अब नहीं काटी जाएगी, नई व्यवस्था के तहत शाम 6 बजे से सुबह 8 बजे तक यदि बैलेंस समाप्त हो जाता है, तो उस समय बिजली कनेक्शन जारी रहेगा, ताकि रात के समय पढ़ाई, घरेलू कामकाज और बुजुर्गों की सुविधा प्रभावित न हो।
इसके अलावा, रविवार, दूसरे शनिवार और अन्य सरकारी अवकाशों के दिन भी बिजली आपूर्ति नहीं काटी जाएगी, भले ही उपभोक्ता का बैलेंस माइनस में क्यों न चला जाए, सरकार ने एक और राहत देते हुए 1 किलोवाट तक के कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को बैलेंस खत्म होने के बाद भी 30 दिनों तक बिजली आपूर्ति जारी रखने का प्रावधान किया है। इसका उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं को असुविधा से बचाना है।
इसके साथ ही, अब उपभोक्ताओं को 200 रुपये तक का नेगेटिव बैलेंस भी दिया जाएगा, यानी जरूरत पड़ने पर बिजली उधार ली जा सकेगी। यह राशि अगली बार रिचार्ज करने पर स्वतः समायोजित कर ली जाएगी, नई व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह भी तय किया गया है कि बिजली कनेक्शन काटने से पहले उपभोक्ता को कम से कम 5 एसएमएस अलर्ट भेजे जाएंगे, ताकि उन्हें पहले से जानकारी मिल सके।
फिलहाल राज्य में प्रीपेड स्मार्ट मीटर योजना शुरुआती चरण में है और इसकी गति अपेक्षाकृत धीमी है। अभी इन्हें मुख्य रूप से सरकारी कार्यालयों और विभागीय भवनों में लगाया जा रहा है, जबकि शहरी क्षेत्रों में कुछ घरेलू उपभोक्ताओं को पायलट प्रोजेक्ट के तहत जोड़ा गया है।
कई नए कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं के घरों में भी सीधे स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। सरकार का मानना है कि इन सुधारों और रियायतों के बाद प्रीपेड स्मार्ट मीटर व्यवस्था को राज्य में तेजी से अपनाया जा सकेगा और यह पूरी बिजली प्रणाली को अधिक पारदर्शी और आधुनिक बनाएगी।



