उत्तराखंड
Trending

 UttarakhandCongressTicketWar : कांग्रेस में हर सीट पर दावेदारों की फ़ौज

This is why the party has started to emerge from its confines and is now visible on the ground, ready to compete.

UttarakhandCongressTicketWar : कांग्रेस में हर सीट पर दावेदारों की फ़ौज :- विधान सभा चुनाव जैसे जैसे करीब आ रहा है उत्तराखंड कांग्रेस में हर सीट पर दावेदारों की फ़ौज तैयार बैठी है।

खुद को जिताऊ साबित करने के लिए जान और जहान एक करने में लग भी गए हैं। दरअसल बीते 100 दिनों में कांग्रेस उत्तराखंड में हवा को अपनी तरफ हौले हौले ही सही महसूस करने लगी है।

सरसों का तेल और लहसुन के फायदे
यही वजह है की पार्टी अपने अपने कमरे से निकलकर मैदान में मैदान मारने के लिए दिखने लगी है। लेकिन सवाल दिग्गजों की महत्वाकांक्षा का है क्योंकि सहसपुर , धर्मपुर , कैंट , रायपुर , हरिद्वार की सीटों सहित कई ऐसे पावर सेंटर हैं जहाँ कोंग्रेसियों में दावेदारी को लेकर सरफुट्टवल से बगावत तक की सम्भावना बनती नजर आ रही है।

आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी का कौन नेता कहां से चुनाव लड़ेगा, इस पर ऊहापोह की स्थिति है। टिकट के सवालों पर कांग्रेस उलझी हुई दिखाई दे रही है।

वहीं, भाजपा ने स्पष्ट संकेत दे दिए कि मंत्रियों व विधायकों को अपनी सीट के अलावा दूसरी सीट पर टिकट नहीं दिया जाएगा। भाजपा ने चुनाव लड़ने के लिए अपने नेताओं को विधानसभा सीटों में बांधकर रखने की रणनीति बनाई है।

उत्तराखंड की राजनीति में 2017 से सत्ता से बाहर कांग्रेस 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए जनहित के मुद्दों को लेकर काफी सक्रिय दिखाई दे रही है।

चॉकलेट खाने के बेमिसाल फायदे

कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पार्टी नेता एकजुटता के साथ चुनाव में भाजपा का मुकाबला करने का कार्यकर्ताओं को संदेश दे रहे हैं, लेकिन कौन नेता किस सीट पर विस चुनाव लड़ेगा, इस पर ऊहापोह की स्थिति बनी है। हालांकि भाजपा ने स्पष्ट संकेत दिए कि मंत्रियों व विधायकों को अपनी सीट के अलावा दूसरी सीट पर टिकट नहीं मिलेगा।

विधान सभा से दूर सियासत सत्ता और हनक से वंचित दिग्गज हरक भी जमकर बैटिंग कर रहे हैं और वो किस सीट से मैदान में उतरेंगे ये भी सस्पेंस रोचक है। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल किस सीट से चुनाव लड़ेंगे यह भी तय नहीं है।

वहीं, कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति की कमान संभाल रहे डॉ. हरक सिंह रावत की भी सीट तय नहीं है। पूर्व सीएम हरीश रावत पहले ही चुनाव लड़ने से मना कर चुके हैं, लेकिन बेटे के लिए टिकट की पैरवी जरूर करेंगे। सीट कौन सी होगी यह स्पष्ट नहीं है।

होर्डिंग से लेकर पार्टी दफ्तर में अचानक नेताओं की बढ़ती सक्रियता एक तरफ है तो दूसरी तरफ है खेमों के खांटी सरदार जो अब धरना प्रदर्शन , सामाजिक मंचों से लेकर सीजनल प्रोग्रामों में समय खर्चने लगे हैं और अलग अलग विधान सभाओं में अपनी सम्भवना टटोलने लगे हैं ऐसे में नए जोशीले दावेदार और बुजुर्ग सीनियर नेताओं में किसको मौका मिलेगा ये सेटिंग तो बाद में तय होगी लेकिन मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष के स्वाभाव को देखते हुए लगता है कि बागी , दागी और बैसाखी वाले उम्मीदवारों की दाल गलनी जरा मुश्किल होगी अलबत्ता खर और कड़वा सत्य बड़े साफगोई से कहने वाले गोदियाल किसी दबाव में , प्रभाव में आएंगे ऐसा कम ही लगता है।

बाकी तो ये सियासत है हुजूर किस्मत एक रात में बदल देती है , दोस्त को दुश्मन बना देती है और ये तो उत्तराखंड कांग्रेस है जहाँ कुछ भी असम्भव नहीं है।

Leena Kumari

InsideNewsPostUK is a digital news portal dedicated to delivering timely, accurate, and insightful coverage of current events across the world. From politics and business to entertainment, technology, and lifestyle, we aim to inform and engage readers with in-depth reporting, expert analysis, and diverse perspectives. With a commitment to journalistic integrity and digital innovation, InsideNewsPostUK strives to be a trusted source for breaking news and thoughtful commentary in a rapidly changing media landscape.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button