GmailStorageChange : अब बिना फोन नंबर के मिलेगा सिर्फ 5GB स्टोरेज
The user will unlock 15GB of free storage only if they verify their phone number.
GmailStorageChange : अब बिना फोन नंबर के मिलेगा सिर्फ 5GB स्टोरेज :- गूगल ने नए Gmail अकाउंट बनाने वाले यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव कर दिया है. अब हर नए गूगल अकाउंट को पहले की तरह सीधे 15GB फ्री स्टोरेज नहीं मिलेगा. कंपनी ने नई पॉलिसी लागू करते हुए कहा है कि 15GB स्टोरेज पाने के लिए यूजर को अपना फोन नंबर वेरिफाई करना होगा।
बिना नंबर वेरिफिकेशन के नए अकाउंट को केवल 5GB स्टोरेज दिया जाएगा. यह बदलाव Gmail, गूगल ड्राइव और गूगल फोटोज तीनों सेवाओं पर लागू होगा. कंपनी का कहना है कि इससे फर्जी अकाउंट और स्टोरेज के गलत इस्तेमाल को रोकने में मदद मिलेगी. हालांकि इस फैसले ने प्राइवेसी और यूजर सुविधा को लेकर नई बहस भी शुरू कर दी है।
अब बिना फोन नंबर के मिलेगा सिर्फ 5GB स्टोरेज
अब तक नया गूगल अकाउंट बनाते ही यूजर्स को जीमेल, गूगल ड्राइव और गूगल फोटोज के लिए कुल 15GB फ्री क्लाउड स्टोरेज मिल जाता था. लेकिन अब कंपनी ने अपनी स्टोरेज पॉलिसी बदल दी है. गूगल ने यूजर्स को नोटिस भेजकर बताया है कि नए अकाउंट को शुरुआत में केवल 5GB स्टोरेज मिलेगा।
अगर यूजर अपना फोन नंबर वेरिफाई करेगा, तभी उसे 15GB फ्री स्टोरेज अनलॉक किया जाएगा. कंपनी ने अपने सपोर्ट पेज की भाषा भी बदल दी है. पहले लिखा होता था कि हर गूगल अकाउंट को 15GB स्टोरेज बिना किसी शुल्क के मिलता है, लेकिन अब इसे बदलकर “up to 15GB” कर दिया गया है. यानी अब पूरी स्टोरेज सभी को ऑटोमैटिक नहीं मिलेगी।
रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल यह बदलाव फर्जी अकाउंट और बॉट्स को रोकने के लिए कर रहा है. कंपनी का मानना है कि कई लोग और ऑटोमेटेड सिस्टम बार-बार नए अकाउंट बनाकर फ्री स्टोरेज का गलत इस्तेमाल करते हैं. फोन नंबर वेरिफिकेशन की मदद से गूगल यह सुनिश्चित करना चाहता है कि एक व्यक्ति को सीमित फ्री स्टोरेज ही मिले।
इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि स्टोरेज हार्डवेयर और मेमोरी की बढ़ती लागत भी इस फैसले की एक वजह हो सकती है. दुनिया भर में क्लाउड स्टोरेज की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिससे कंपनियों पर इंफ्रास्ट्रक्चर का दबाव बढ़ता जा रहा है. ऐसे में गूगल अब फ्री स्टोरेज सिस्टम को ज्यादा कंट्रोल तरीके से चलाना चाहता है।
गूगल के इस नए नियम ने यूजर्स के बीच प्राइवेसी को लेकर चिंता भी बढ़ा दी है. कई लोग केवल ईमेल इस्तेमाल करने के लिए फोन नंबर शेयर नहीं करना चाहते. ऐसे यूजर्स को अब कम स्टोरेज में काम चलाना पड़ सकता है. दूसरी तरफ कुछ लोग इसे सुरक्षा के नजरिए से सही कदम भी मान रहे हैं, क्योंकि इससे फर्जी अकाउंट कम हो सकते हैं।
फिलहाल यह बदलाव नए अकाउंट्स पर लागू हो रहा है और पुराने अकाउंट्स पर इसका असर नहीं बताया गया है. हालांकि आने वाले समय में गूगल इस नीति को और सख्त कर सकता है. ऐसे में नया जीमेल अकाउंट बनाने वाले यूजर्स को अब पहले से ज्यादा सावधानी और जानकारी के साथ साइनअप करना होगा।



