DevbhoomiRiversRevival : देवभूमि में अब तक 697 धारा-नौलों की हुई पहचान
GIS-based mapping of 4,490 water bodies has been completed using the Bhagirath app developed by SARRA.
DevbhoomiRiversRevival : देवभूमि में अब तक 697 धारा-नौलों की हुई पहचान ;- उत्तराखंड के सचिव,जलागम दिलीप जावलकर की अध्यक्षता में जल स्रोतों, धारों-नौलों तथा नदियों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिए कार्यरत SARRA की राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति की सातवीं बैठक आयोजित हुई।
बैठक में प्रदेशभर में संचालित नदी पुनर्जीवन, भू-जल पुनर्भरण, धारा-नौला संरक्षण तथा “एक जनपद–एक नदी” योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार किया गया।
इस अवसर पर बागेश्वर जनपद की गरुड़ गंगा नदी तथा पौड़ी जनपद की पश्चिमी नयार नदी की DPR प्रस्तुत की गई। गरुड़ गंगा परियोजना के लिए लगभग ₹12 करोड़ तथा पश्चिमी नयार नदी परियोजना के लिए लगभग ₹48 करोड़ की कार्ययोजना पर विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुतीकरण दिया गया।
बैठक में बताया गया कि राज्य के सभी 13 जनपदों में एक-एक प्रमुख नदी का चयन कर उनके वैज्ञानिक आधार पर पुनर्जीवन का कार्य किया जा रहा है। अब तक 13 नदियों के लिए ₹120 करोड़ से अधिक की DPR तैयार की जा चुकी हैं, जिनमें कई परियोजनाओं का कार्य प्रगति पर है जबकि कुछ परियोजनाओं को उच्चस्तरीय स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है।
4,490 जलस्रोतों का GIS आधारित मानचित्रण SARRA द्वारा विकसित भागीरथ ऐप के माध्यम से किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त कुल 5,775 जल संरचनाओं एवं जल स्रोतों की पहचान कर उनका डेटाबेस तैयार किया गया है।
बैठक में “धारा-नौला संवर्धन योजना” की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इसके अंतर्गत अभी तक कुल 697 धारा-नौलों की पहचान की गई है। जिसमें प्रथम चरण में ऐतिहासिक, पौराणिक एवं सांस्कृतिक महत्व वाले 54 प्रमुख धारा-नौलों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन की कार्ययोजनाएं तैयार की जा रही हैं।
इन स्थलों को स्थानीय समुदाय की भागीदारी से संरक्षित किया जाएगा। बताया गया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में SARRA के माध्यम से प्रदेशभर में 86 परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है।
कई परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं जबकि नई परियोजनाओं के लिए बजट प्रावधान एवं स्वीकृति प्रक्रिया जारी है।इस अवसर पर परियोजना निदेशक जलागम हिमांशु खुराना, एसीईओ SARRA कहकशां नसीम, DD SARRA डीएस रावत, सीएफओ जलागम दीपक भट्ट समेत विभिन्न जिलों के सचिवों ने ऑनलाइन माध्यम से प्रतिभाग किया।




