UttarakhandUCC : UCC पंजीकरण की प्रक्रिया में अभूतपूर्व तेजी
Earlier, people had to physically appear at government offices for marriage registration.
UttarakhandUCC : UCC पंजीकरण की प्रक्रिया में अभूतपूर्व तेजी :- उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू होने के बाद विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया में अभूतपूर्व तेजी देखने को मिल रही है, पहले जहां प्रतिदिन औसतन केवल 67 आवेदन आते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर करीब 1400 प्रतिदिन हो गई है, उल्लेखनीय बात यह है कि विवाह पंजीकरण प्रमाणपत्र के लिए निर्धारित 15 दिनों की समयसीमा के बावजूद अधिकांश आवेदकों को यह प्रमाणपत्र अधिकतम पांच दिनों के भीतर ही उपलब्ध हो रहा है।
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पहले विवाह पंजीकरण के लिए लोगों को सरकारी कार्यालयों में भौतिक रूप से उपस्थित होना पड़ता था और प्रमाणपत्र जारी होने की कोई निश्चित समयसीमा नहीं थी। लेकिन यूसीसी के तहत पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और फेसलेस कर दी गई है, जिससे न केवल समय की बचत हो रही है बल्कि पारदर्शिता भी सुनिश्चित हुई है।
इस संबंध में गृह सचिव शैलेश बगौली ने बताया कि यूसीसी के अंतर्गत अब तक पांच लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इसके बावजूद निजता के उल्लंघन का एक भी मामला सामने नहीं आया है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड समान नागरिक संहिता नागरिकों की निजी जानकारियों की सुरक्षा को लेकर अपने संकल्प पर पूरी तरह खरी उतरी है।
गृह सचिव के अनुसार, ऑनलाइन आवेदन प्रणाली में मजबूत साइबर सुरक्षा प्रावधान किए गए हैं। एक बार जब आवेदन सक्षम अधिकारी द्वारा स्वीकृत हो जाता है, तो उसके बाद संबंधित अधिकारी भी आवेदक की निजी जानकारी नहीं देख सकता।
आवेदन के साथ प्रस्तुत की गई व्यक्तिगत सूचनाओं तक केवल आवेदक की ही पहुंच होती है, वह भी आवश्यक वेरिफिकेशन प्रक्रिया के माध्यम से। यही कारण है कि बीते एक वर्ष में निजता उल्लंघन की कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई है।
यूसीसी पोर्टल के माध्यम से लगभग शत-प्रतिशत आवेदन किए जा रहे हैं। आवेदक घर बैठे ही विवाह पंजीकरण, विवाह विच्छेद, वसीयत पंजीकरण, लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण तथा लिव-इन संबंध समाप्त करने जैसी सेवाओं के लिए आवेदन कर सकता है। इससे उन्हें किसी सरकारी कार्यालय या अधिकारी के समक्ष उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
यूसीसी लागू होने के एक वर्ष से भी कम समय में सोमवार, 19 जनवरी 2026 की दोपहर तक कुल 4,74,447 विवाह पंजीकरण सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं।
इस अवधि में 316 लोगों ने ऑनलाइन माध्यम से विवाह विच्छेद का प्रमाणपत्र प्राप्त किया, जबकि 68 लोगों ने लिव-इन रिलेशनशिप में प्रवेश और 2 लोगों ने लिव-इन संबंध समाप्त करने का पंजीकरण कराया है।यूसीसी की सभी सेवाएं अंग्रेजी के साथ-साथ भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी 22 भाषाओं में उपलब्ध कराई गई हैं।
आईटीडीए द्वारा विकसित यूसीसी वेबसाइट को असमिया, बंगाली, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मलयालम, मराठी, नेपाली, उड़िया, पंजाबी, संस्कृत, तमिल, तेलुगु, उर्दू, सिंधी, बोडो, डोगरी, मैथिली, संथाली और मणिपुरी सहित कुल 22 भाषाओं में तैयार किया गया है।इसके अलावा, आवेदक एआई की सहायता से भी यूसीसी की प्रक्रिया को समझकर स्वयं अपना पंजीकरण कर सकता है।
पंजीकरण प्रक्रिया को अत्यंत सरल और वेबसाइट को यूज़र-फ्रेंडली बनाया गया है, ताकि कोई भी नागरिक बिना किसी सहायता के अपनी सेवाओं के लिए आवेदन कर सके।



