108ambulanceservice : रिस्पॉन्स टाइम हुआ कम, जनपदों में बैकअप में रहेगी एम्बुलेंस
Apart from this, the response time of ambulance has also been reduced in hilly and plain areas.
108ambulanceservice : रिस्पॉन्स टाइम हुआ कम, जनपदों में बैकअप में रहेगी एम्बुलेंस :- सूबे में 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा को और अधिक प्रभावी बनाया जायेगा। इसके लिये आपातकालीन सेवा में नई व आधुनिक एम्बुलेंस को शामिल कर इसके बेड़े में वृद्धि की जायेगी, साथ ही अनुभवी कार्मिकों की और नियुक्ति की जायेगी, जिसके निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये हैं।
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इसके अलावा एम्बुलेंस का पहाड़ व मैदानी क्षेत्रों में रिस्पॉन्स टाइम भी कम कर दिया है ताकि आम लोगों को समय पर एम्बुलेंस सेवा का लाभ मिल सके। इसके साथ ही विभागन्तर्गत तकनीकी संवर्ग के पदों का पुनर्गठन के निर्देश भी अधिकारियों को दिये।
सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने आज अपने शासकीय आवास पर स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने विभागीय अधिकारियों को 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा को और प्रभावी व जवाबदेह बनाने के निर्देश दिये।
उन्होंने कहा कि 108 एम्बुलेंस सेवा स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ है, ऐसे में इस सेवा को सुदृढ़ कर आम लोगों के लिये सुलभ बनाना है। डॉ रावत ने एम्बुलेंस सेवा की नई निविदा को लेकर अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की और उन्हें एम्बुलेंस के बेड़े में आधुनिक उपकरणों से लैस एम्बुलेंस को शामिल करने के निर्देश दिये।
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मरीजों की परेशानियों को देखते हुये उन्होंने एम्बुलेंस सेवा के कॉल सेंटर में कार्मिकों की और नियुक्ति करने को भी अधिकारियों को कहा। इसके साथ ही डॉ रावत ने 108 आपातकालीन एम्बुलेंस की जवाबदेही तय कर रिस्पॉन्स टाइम काम से कम करने के निर्देश अधिकारियों को दिये।
उन्होंने कहा कि मैदानी क्षेत्रों में एम्बुलेंस का रिस्पॉन्स टाइम 13 मिनट जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में यह समय 18 मिनट तय किया जायेगा। उन्होंने जरूरतमंदों को समय पर एम्बुलेंस सेवा सुलभ हो सके। डॉ रावत ने प्रत्येक जनपद में तीन-तीन एम्बुलेंस को रिजर्व में रखने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये। ताकि बैकअप में रखी एम्बुलेंस आपात स्थिति में काम आ सके।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एम्बुलेंस अब मरीजों को सीधे उसी अस्पताल में पहुंचाएगी जहां पर सम्बंधित बीमारी के उपचार हेतु चिकित्सक उपलब्ध होगा। इसके लिये अधिकारियों को निर्देश दे दिये गये हैं।
इसके अलावा बैठक में आईपीएचएस मानकों के अनुरूप तकनीकी संवर्ग के अंतर्गत लैब टेक्नीशियन, एक्स-रे टेक्नीशियनों, ईसीजी टेक्नीशियनों व ऑप्टोमेट्रिस्ट के पदों का पुनर्गठन करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये।
इसके अलावा सभी चिकित्सा इकाइयों एवं विभागीय कार्यालयों में बायोमेट्रिक उपस्थिति, अवकाश के दौरान चिकित्सकों की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को विभागीय अधिकारियों निर्देश दिये गये।



