UKYouthJobs : औसतन 518 युवाओं को सरकारी नौकरी हर महीने
Following the implementation of strict anti-cheating laws and increased transparency in the recruitment process, young people are now being selected for positions in more than one department.
UKYouthJobs : औसतन 518 युवाओं को सरकारी नौकरी हर महीने :- रोजगार भारत के युवाओं के लिए सबसे बड़ा मुद्दा है। केंद्र हो या राज्य सबसे ज्यादा चर्चा भी बेरोजगारी और रोजगार सृजन पर होती है। ऐसे में उत्तराखंड मे भी मौजूदा सरकार नौकरियों की बहार का आंकड़ा समय समय पर जारी करती रही है।
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इसी दरम्यान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि उनकी सरकार युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए जहां सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर रिकॉर्ड संख्या में सरकारी नौकरियां प्रदान की गई, वहीं भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए सख्त नकल विरोधी कानून भी लागू किया गया है।
साथ ही सरकार कौशल विकास ओर स्वरोजगार योजनाओं के जरिए भी युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है।
सरकारी दावों की माने तो मुख्यमंत्री धामी के साढ़े चार साल के कार्यकाल में अब तक साढ़े 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिल चुकी है। इस तरह प्रति माह औसत 518 युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई।
सख्त नकल विरोधी कानून के बाद भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता कायम होने से अब युवाओं का चयन एक से अधिक विभागों में हो रहा है। वहीं सरकार ने युवाओं को स्किल डेवलपमेंट के जरिए विदेश तक में रोजगार देने की व्यवस्था की है।
धामी सरकार के कार्यकाल में युवा वर्ग सबसे बड़ा लाभार्थी बनकर उभरा है। 4 जुलाई 2021 को कार्यभार ग्रहण करने के बाद धामी सरकार ने युवाओं को रोजगार और स्किल प्रदान करने पर विशेष तौर पर फोकस किया। पहले और दूसरे कार्यकाल को मिलाकर अब तक मुख्यमंत्री का कार्यकाल 54 महीने का हो चुका है।
इस दौरान लोक सेवा आयोग, उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, चिकित्सा सेवा चयन आयोग के जरिए साढ़े 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में स्थायी रोजगार प्रदान किया गया है। यानि प्रति माह 518 युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई। अगले एक साल में भी विभिन्न आयोगों के जरिए, रिकॉर्ड संख्या में भर्तियां सम्पन्न की जाएंगी। इस तरह यह आंकड़ा बढ़ना तय है।
सरकारी भर्तियों में सक्रिय नकल माफिया के कुचक्र को तोड़ने के लिए धामी सरकार ने फरवरी 2023 से उत्तराखण्ड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय), कानून लागू कर प्रदेश और देश को एक मॉडल नकल विरोधी कानून दिया। इसके बाद से उत्तराखण्ड में भर्ती परीक्षाएं पारदर्शी तरीके से समय पर बिना बाधा के सम्पन्न हो रही हैं।
पहले भर्तियों में औसतन दो से तीन साल का समय लग रहा था । अब औसतन एक साल में ही भर्ती प्रक्रिया पूरी हो जा रही है। साथ ही प्रतिभाशाली युवा एक से अधिक परीक्षा में चयनित हो रहे हैं। मौजूदा सरकार ने साल 9 नवंबर 2022 से मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना शुरु की है ।
इसके लिए युवाओं को आतिथ्य, नर्सिंग, ऑटोमोबाइल के क्षेत्र में प्रशिक्षण प्रदान करते हुए जर्मनी और जापान में रोजगार प्रदान किया जा रहा है। योजना के तहत अब तक 154 युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है, जिसमें से 37 को जापान में रोजगार प्रदान किया जा चुका है।



