MeshSankranti2026 : कब है मेष संक्रांति और क्यों है शुभ ? :- सनातन धर्म में जब सूर्य देव एक राशि से दूसरी में प्रवेश करते है, तो संक्रांति का पर्व मनाया जाता है. जब सूर्य देव मीन से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करते हैं, तो मेष संक्रांति का पर्व मनाया जाता है. इस दिन खरमास की समाप्ति हो जाती है और शुभ व मांगलिक काम फिर से शुरू कर दिए जाते हैं. मेष संक्रांति के दिन सूर्य देव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
इस दिन पवित्र नदियों में स्नान-दान की परंपरा भी प्राचीन काल से ही चली आ रही है. मेष संक्रांति पर दान उतना ही प्रभावी माना गया है, जितना कि अन्य संक्रांतियों पर. मान्यता है कि इस दिन दान करने से करियर में बाधाओं या स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से छुटकारा मिलता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल मेष संक्रांति कब है और इस दिन किन चीजों का दान पुण्यदायी माना गया है?
कब है मेष संक्रांति ?
दृक पंचांग के अनुसार, इस साल मेष संक्रांति 14 अप्रैल को मनाई जाएगी. इस दिन पुण्यकाल सुबह 06 बजकर 29 मिनट से लेकर दोपहर 01 बजकर 50 मिनट तक रहने वाला है. वहीं, इस दिन महापुण्य काल सुबह 07 बजकर 33 मिनट से लेकर 11 बजकर 45 मिनट तक रहने वाला है. इस दौरान स्नान-दान किया जा सकता है।
मेष संक्रांति के दिन लाल रंग की चीजों जैसे लाल चंदन, केसर, लाल वस्त्र, लाल फल और लाल रंग के फूल आदि का दान करें. गुड़ और गेहूं का दान करें. चने की दाल, हल्दी और पीले रंग के कपड़ों का दान करें. तिल और अन्न का दान करें. सत्तू-गुड़ का दान करें।
मेष संक्रांति पर किए गए दान से साधक को ‘पुण्य’ फल की प्राप्त होते हैं. इससे कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है. आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता बढ़ती है. मेष संक्रांति पर दान करने से साधक को जीवन में सुख, समृद्धि और मान-सम्मान प्राप्त होता है और कुंडली के कई दोष भी शांत होते हैं।



