IITRoorkee : IIT रुड़़की 13 श्रेणियों में पुरस्कार जीतकर बना अव्वल
Deepak Gadiya of Bageshwar district was awarded first place in the category of selected farmers doing excellent work.
IITRoorkee : IIT रुड़़की 13 श्रेणियों में पुरस्कार जीतकर बना अव्वल :- लोक भवन, देहरादून में तीन दिनों तक आयोजित बसंतोत्सव में बड़ी संख्या में लोगों ने पुष्पों के प्राकृतिक सौंदर्य और अन्य कार्यक्रमों का भरपूर आनंद लिया। बसंतोत्सव-2026 में इस वर्ष की चल वैजंती (रनिंग ट्राफी) IIT रुड़की को मिली।
इस वर्ष IIT रुड़़की ने 13 श्रेणियों में पुरस्कार जीतकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, 04 श्रेणियों में पुरस्कार प्राप्त कर ONGC ने दूसरा स्थान प्राप्त किया।
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बसंतोत्सव में 15 श्रेणियों की 54 उप श्रेणियों में 161 पुरस्कार वितरित किए गए। राज्यपाल लेफ्टिनेट जनरल गुरमीत सिंह (से. नि.) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुष्प प्रदर्शनी, रंगोली, बच्चों की चित्रकला और फोटो प्रतियोगिता आदि श्रेणियों के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।
बसंतोत्सव- 2026 में इस वर्ष पहली बार गवर्नर्स अवार्ड की शुरुआत की गई, जिसके अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले कृषकों, महिला कृषकों तथा स्टार्टअप के माध्यम से नवाचार कर रहे युवा कृषकों को सम्मानित किया गया।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले चयनित कृषकों की श्रेणी में बागेश्वर जनपद के दीपक गडिया को प्रथम, रुद्रप्रयाग जनपद के कपिल शर्मा को द्वितीय तथा पिथौरागढ़ जनपद के शुभम सिंह को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला कृषकों की श्रेणी में चम्पावत जनपद की राधा राणा को प्रथम, अल्मोड़ा जनपद की कविता मेहरा को द्वितीय तथा पौड़ी गढ़वाल जनपद की शांति जुयाल को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
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स्टार्टअप के माध्यम से नवाचार कर रहे अग्रणी युवा कृषकों की श्रेणी में टिहरी जनपद के देवेंद्र सिंह चौहान को प्रथम, नैनीताल जनपद के पंकज मेहता को द्वितीय तथा हरिद्वार जनपद के उज्ज्वल सैनी को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
IMA और ITBP के पाइप बैंड के मधुर धुनों ने समापन समारोह को और आकर्षक बना दिया। उपस्थित दर्शकों ने जिसका पूरा आनंद लिया और पाइप बैंड की धुनों की सराहना की। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि इन तीन दिनों में लोक भवन में आई लगभग साढ़े तीन लाख जनता के चेहरे पर जो प्रसन्नता और संतोष दिखाई दिया, वही इस आयोजन की सबसे बड़ी सफलता है।
उन्होंने कहा कि शोध के आधार पर उद्यान विभाग द्वारा स्थापित स्टॉलों में यह प्रदर्शित किया गया कि किस प्रकार पुष्प मानव जीवन में स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और आनंद का स्रोत बन सकते हैं।
राज्यपाल ने नवाचार को विकसित भारत 2047 की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण मंत्र बताते हुए कहा कि उत्सव के दौरान प्रत्येक स्टॉल और प्रस्तुति में नई सोच और रचनात्मकता दिखाई दी।
उन्होंने ‘रिद्मिक योगा’, दिव्यांग बच्चों की योग प्रस्तुतियाँ एवं वुशु प्रदर्शन तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना की। उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड की नारी शक्ति आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरणादायक कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बसंतोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की प्राकृतिक संपदा, कृषि शक्ति और उभरती हरित अर्थव्यवस्था का उत्सव है।
बसंत ऋतु प्रकृति के श्रृंगार के माध्यम से सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक प्रसन्नता का संदेश देती है। लोक भवन में सुसज्जित विविध पुष्पों की रंगत और सुगंध राज्य की समृद्ध जैव-विविधता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के अनुशासन, राष्ट्रनिष्ठा और दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में राज्य निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है।



