RekhaAryaControversy : रेखा आर्य की कथित 210 करोड़ की संपत्ति पर विवाद, कांग्रेस ने उठाई जांच की मांग
What is the case regarding the alleged assets worth Rs 210 crore?
RekhaAryaControversy : रेखा आर्य की कथित 210 करोड़ की संपत्ति पर विवाद, कांग्रेस ने उठाई जांच की मांग :- उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य की कथित 210 करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर उठा विवाद अब राजनीतिक गलियारों से निकलकर जांच की मांग तक पहुंच गया है।
मंत्री के पति गिरधारी लाल साहू की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठी है। दूसरी ओर, रेखा आर्य ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए अपनी वित्तीय पारदर्शिता पर भरोसा जताया है। संपत्ति से जुड़े आरोप ऐसे समय सामने आए हैं, जब मंत्री ने अपने पति के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई है। इस घटनाक्रम ने उत्तराखंड की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है और सरकार की जवाबदेही को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
210 करोड़ रुपये की कथित संपत्ति का मामला क्या है ?
16 अक्टूबर 2026 को सामने आए एक वीडियो में गिरधारी लाल साहू ने आरोप लगाया कि रेखा आर्य के पास करीब 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले की जांच कराने की मांग भी की। हालांकि, मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आरोप लगाते समय उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपने दावे के समर्थन में दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए।
इसके बाद 17 अक्टूबर को अधिवक्ता पंकज सिंह क्षेत्री ने सतर्कता अधिष्ठान में शिकायत देकर कथित संपत्ति, उसके स्वामित्व, बैंक खातों, निवेश और आय के स्रोतों की जांच की मांग की।
हांलाकि शिकायत दर्ज होने का अर्थ यह नहीं है कि आरोप साबित हो गए हैं; उनकी सत्यता जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के परीक्षण से ही तय होगी। लेकिन पूर्व सीएम हरीश रावत से लेकर कांग्रेस के बड़े बड़े नेताओं ने अब चुनावी घड़ी में इस मुद्दे को लपक जरूर लिया है।
रेखा आर्य ने अपने ऊपर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी आय और वित्तीय रिकॉर्ड दस्तावेजों में दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि उनके आयकर रिटर्न सहित वित्तीय विवरण पारदर्शी हैं और यदि किसी को संदेह है, तो वह जांच करा सकता है।
उन्होंने संपत्ति से जुड़े आरोपों को बेबुनियाद बताया। संपत्ति विवाद से पहले रेखा आर्य ने 15 अक्टूबर को देहरादून के कैंट थाने में अपने पति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने मारपीट, उत्पीड़न, जातिसूचक अपशब्दों, कथित धोखाधड़ी और जान से मारने की साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
पुलिस ने इन आरोपों की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया। गिरधारी लाल साहू ने अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारते हुए ऑडियो रिकॉर्डिंग को कथित रूप से फर्जी और एआई से निर्मित बताया। रेखा आर्य ने इस दावे को खारिज किया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। कांग्रेस ने कथित संपत्ति के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
हालांकि, राजनीतिक आरोपों और जांच की मांग को भ्रष्टाचार का प्रमाण नहीं माना जा सकता। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए वित्तीय रिकॉर्ड, संपत्ति के दस्तावेजों और आय के वैध स्रोतों की जांच जरूरी होगी। शाइनिंग समाचार इन आरोपों और दावों की पुष्टि नहीं करता है और इसकी सच्चाई जांच से सामने आने की उम्मीद करता है।



