CAGDehradunSmartCity : कैग का खुलासा, देहरादून स्मार्ट सिटी मिशन में करोड़ों की अनियमितता
Key findings of the CAG report.
CAGDehradunSmartCity : कैग का खुलासा, देहरादून स्मार्ट सिटी मिशन में करोड़ों की अनियमितता :- भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की डून स्मार्ट सिटी मिशन (SCM) पर ऑडिट रिपोर्ट में देहरादून स्मार्ट सिटी परियोजना के कार्यान्वयन में गंभीर अनियमितताएँ और व्यर्थ व्यय उजागर हुए हैं।
रिपोर्ट में सामने आया है कि बिना टेंडर के 2.93 करोड़ रुपये के कार्य कराए गए, जबकि समय सीमा पर काम पूरा न होने पर कार्यदायी संस्था से 19 करोड़ रुपये की वसूली नहीं की गई। इसके अलावा कई परियोजनाएँ आवश्यक रूप से संचालित नहीं की गईं, जिससे निवेश व्यर्थ गया।
कैग रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष
स्मार्ट स्कूल परियोजना के तहत 5.91 करोड़ रुपये से तीन सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर लैब, इंटरेक्टिव बोर्ड, सीसीटीवी, बायोमेट्रिक मशीनें आदि स्थापित किए गए, लेकिन वे संचालन में नहीं आए।
डून कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के तहत मार्च 2022 में विकसित बायोमेट्रिक एवं सेंसर आधारित ठोस कूड़ा प्रबंधन प्रणाली फरवरी 2025 तक लागू नहीं होने से 4.5 करोड़ रुपये व्यर्थ हुए।
स्मार्ट वेस्ट वाहन योजना के तहत खरीदे गए ई‑रिक्शा का लगभग दो वर्षों तक संचालन नहीं हुआ।
कार्यदायी संस्था डीएससीएल ने परियोजना में देरी और कम गुणवत्ता पर 1.4 करोड़ रुपये का दंड नहीं लगाया, जिससे ठेकेदारों को अनुचित लाभ मिला।
कई मामलों में अनियमित वित्तीय प्रबंधन के कारण 6.2 करोड़ रुपये की ब्याज हानि भी हुई।
देहरादून को 2017 में स्मार्ट सिटी मिशन में शामिल किया गया था और उसे 1000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया। 2016 से 2023 तक 737 करोड़ रुपये जारी किए गए, जिनमें से 634.11 करोड़ रुपये खर्च किए गए। लेकिन इन खर्चों का अधिकतम हिस्सा असमर्थित या बिना उपयोग के रहा।
कैग ने राज्य सरकार से यह सुनिश्चित करने की सिफारिश की है कि बनाई गई अवसंरचना का संचालन प्रभावी और टिकाऊ हो, अनुपयुक्त धन के उपयोग के लिए जिम्मेदारी तय की जाए और भविष्य के ठेकों में मापने योग्य परिणाम शामिल किए जाएँ।



