HarishRawat : पूर्व सीएम हरीश रावत का बड़ा बय़ान
Harish Rawat further stated that the relevant departments in Uttarakhand have also geared up for the implementation of this order.
HarishRawat : पूर्व सीएम हरीश रावत का बड़ा बय़ान :- छोटी दुकानों को तोड़ने की तैयारियों को लेकर पूर्व सीएम हरीश रावत का बड़ा बय़ान सामने आया है. उन्होंने कहा कि माननीय सुप्रीमकोर्ट के एक आदेश की आड़ में नगरीय क्षेत्रों में जहां लोगों के आवासीय भवन हैं और उसके नीचे कोई चाय की दुकान है, किसी का खोमचा है, किसी की परचून की दुकान है, किसी की और तरीके की दुकानें हैं, उन सबको कमर्शियल एक्टिविटी मानते हुए उन्हें सील किया जा रहा है और कई जगह तोड़ा भी जा रहा है, मेरठ में तोड़ा गया है।
आगे हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड में भी इस आदेश के क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों ने कमर कस ली है. लोग आतंकित हैं. सुप्रीमकोर्ट के आदेश का तात्पर्य ऐसी कमर्शियल एक्टिविटीज से था जो बड़ी मात्रा में हैं. कहीं कोचिंग हब चल रहे हैं, कहीं बड़ी फैक्ट्रियां काम कर रही हैं और कहीं जो है ऐसे असुरक्षित हॉस्टल्स बनाए गए हैं और वो ऐसी तंग गलियों में बनाए गए हैं, जहां आग लगने पर, कोई दूसरे प्रकार का खतरा पानी भराव आदि होने पर मशीनें नहीं जा सकतीं, दमकल नहीं जा सकती है।
उन्होंने ये भी कहा कि ऐसे आवासों से कमर्शियल एक्टिविटीज हटाने का जो मंतव्य था, वो एक छोटी चाय की दुकान पर या छोटी-छोटी पूंजी वाले लोगों ने दूर-दराज की गलियों में अपने घर बनाए हैं, नीचे दुकान में रिटायर्ड होने के बाद व्यक्ति वहां एक छोटी आजीविका चला रहा है।
कुछ बेरोज़गार किसी घर में बच्चा है, तो उन्होंने कहा भई कुछ नहीं तो चलो नीचे के सेट को दुकान में बदल देते हैं, तू वहां दुकानदारी कर, ताकि उसको रोज़गार मिल सके. बहुत लोग डरे हुए हैं।
हरीश रावत का कहना है कि राज्य सरकार को चाहिए कि सुप्रीम कोर्ट में एक पिटीशन इस संदर्भ में दायर करें और ऐसे लोगों के हित में उठकर के खड़ी हो. कांग्रेस इस तरीके से किसी भी घर को, जहाँ छोटी-छोटी कमर्शियल एक्टिविटीज हो रही हैं, उनको सील करने और या उन्हें तोड़ने का विरोध करती है।



