DeskJob : घंटों बैठे रहना आपकी हड्डियों पर पड़ सकता है भारी
Do not ignore these symptoms.
DeskJob : घंटों बैठे रहना आपकी हड्डियों पर पड़ सकता है भारी :- डेस्क जॉब लोगों को लगता है बहुत ही आसान है लेकिन यह सेहत के लिए बहुत खतरनाक है। इसमें आप घंटों लैपटॉप के आगे बैठे रहते हैं जिसकी वजह से बहुत चलने फिरने या उठने का मौका नहीं मिलता है। एक ही पॉश्चर में लंबे समय तक बैठे रहते हैं जिसकी वजह से पीठ दर्द, कमर दर्द की समस्या रहती है।
बाद में धीरे-धीरे शरीर में बदलाव आने लगते हैं जिसकी वजह से हड्डियों पर असर पड़ता है।पहले के समय में उम्र बढ़ने पर हड्डियां कमजोर होती था। खासतौर से मेनोपॉज के बाद महिलाओं में हड्डियों से जुड़ी समस्या एस्ट्रोजन हार्मोन की वजह से होती है।
जब शरीर में एस्ट्रोजन का लेवल कम होता है तब हड्डियां कमजोर होने लगती है। आज के समय में 20 और 30 साल की उम्र के लोगों को हड्डियों में कमजोरी की शिकायत मिलती है।
हड्डियों को मजबूत रखने के लिए शरीर का चलना जरूरी है लेकिन डेस्क जॉब में घंटों एक ही जगह पर बैठे रहते हैं, चलना फिरना न के बराबर होता है, खाना भी जल्दी जल्दी खाते हैं।
इन चीजों का असर हड्डियों पर पड़ता है। बिजी वर्कडे की वजह से सूरज की धूप नहीं लेते हैं जिसकी वजह से शरीर में कैल्शियम एब्जॉर्ब नहीं होता है। डेस्क पर हम पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन नहीं लेते हैं। जबकि टी और कॉफी ज्यादा पीते हैं। इस वजह से शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिलते हैं।
हड्डियों में कमजोरी धीरे धीरे आती है। खासतौर से जब हम शुरुआती लक्षणों को इग्नोर कर देते हैं। इन लक्षणों को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। National library of Medicine की रिपोर्ट के मुताबिक लंबे समय तक ही एक ही जगह बैठकर काम करने से हिप्स की बोन डेंसिटी कम होती है।
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें —–
लगातार पीठ या घुटने में दर्द होना.
बिना किसी कारण के थकान महसूस होना.
झुका हुआ पॉश्चर.
मसूड़ों का सिकुड़ना या नाखून कमजोर होना।
कैसे रखें हड्डियों को मजबूत ?
सोकर उठने के बाद कुछ देर सूरज की रोशनी लें।
हर एक घंटे पर उठे और थोड़ा सा चलें।
अपनी डाइट में प्रोटीन और कैल्शियम को शामिल करें।
रोजाना कुछ देर के लिए वॉक पर जाएं, सीढ़ियों पर चढ़ें, हल्की फुल्की एक्सरसाइज करें।
कैल्शियम और विटामिन डी हड्डियों को मजबूत रखने के लिए बेहद जरूरी है। किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं।



