LegalAdviceTenants : बिना रेंट एग्रीमेंट के घर में न हों शिफ्ट! जानिए 11 महीने के एग्रीमेंट का कानूनी सच
For instance, no entry after 10 PM, friends cannot visit without asking, and the rent will increase by 20% starting next month.
LegalAdviceTenants : बिना रेंट एग्रीमेंट के घर में न हों शिफ्ट! जानिए 11 महीने के एग्रीमेंट का कानूनी सच :- बड़े शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, नोएडा, में किराए के लिए घर ढूंढना किसी जंग जीतने से कम नहीं है, घर तो चलिए एक बार को अच्छा जल्दी मिल भी जाए पर असली जंग मकान मालिक के नियम और शर्तों से शुरू होती है।
जैसे रात 10 बजे के बाद एंट्री नहीं, बिना पूछे दोस्त नहीं आ सकते और अगले महीने से किराया 20% बढ़ेगा. ऐसे में अगर आप भी किराए के मकान में रहते हैं, तो ये डायलॉग्स आपके लिए नए को कतई नहीं होंगे।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि लॉ के अनुसार आप सिर्फ एक किराएदार नहीं, बल्कि उस घर के टेंपरेरी मालिक हैं? जी, एडवोकेट के अनुसार रेंट रूल्स किराएदारों को ऐसे दमदार राइट्स देते हैं, जिसके बाद मकान मालिक अपनी मनमानी बिल्कुल नहीं चला सकते. तो चलिए एक्सपर्ट से जानते हैं किराएदारों के वो 5 बड़े अधिकार, जो हर रेंटर को पता होने चाहिए।
1. बिना रेंट एग्रीमेंट सब बेकार
एडवोकेट राकेश उपाध्याय ने जोर देते हुए कहा कि बिना रेंट एग्रीमेंट के किसी भी घर में शिफ्ट ना हों. इसके अलावा रेंट एग्रीमेंट में किराया, सिक्योरिटी मनी, और रहने का पीरियड साफ-साफ लिखा होना चाहिए. 11 महीने का एग्रीमेंट दोनों साइड को लीगल प्रोटेक्शन देता है. अगर मकान मालिक बीच में मुकरता है, तो ये एग्रीमेंट आपका सबसे बड़ा हथिार बनता है।
2. जब मन चाहे नहीं बढ़ेगा किराया
अमूमन देखा जाता है कि मकान मालिक साल के बीच में ही किराया बढ़ाने की मांग करने लगते हैं. एडवोकेट राकेश के अनुसार, नियम कहते हैं कि एग्रीमेंट के पीरियड के दौरान मकान मालिक बीच में किराया नहीं बढ़ा सकता. किराया बढ़ाने के लिए कम से कम 3 महीने पहले लिखित में नोटिस देना जरूरी है।



