UttarakhandTrekking : उत्तराखंड में ट्रैकिंग को सुरक्षित बनाएगी GPS मैपिंग
To find a permanent solution to this serious problem, the government has decided to conduct GPS mapping of 100 trekking routes in the first phase.
UttarakhandTrekking : उत्तराखंड में ट्रैकिंग को सुरक्षित बनाएगी GPS मैपिंग :- उत्तराखंड सरकार एडवेंचर टूरिज्म को सुरक्षित बनाने के लिए पहले चरण में 100 ट्रेकिंग रूट्स की GPS मैपिंग करा रही है, जिससे ट्रेकर्स रास्ता न भटकें. इस बीच, दयारा बुग्याल ट्रैक से 29 मई से लापता महिला ट्रैकर बबीता पांडे की तलाश में NDRF और SDRF समेत कई टीमें जुटी हैं।
उत्तराखंड सरकार एडवेंचर टूरिज्म (साहसिक पर्यटन) को पूरी तरह सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए एक बड़ा तकनीकी सर्वे शुरू करने जा रही है. इसके तहत राज्य के प्रमुख ट्रेकिंग रूट्स की जीपीएस (GPS) मैपिंग कराई जाएगी, जिससे ट्रेकर्स को अपनी लोकेशन और पूरे मार्ग की बिल्कुल सटीक जानकारी मिल सकेगी।
उत्तराखंड की प्राकृतिक खूबसूरती को निहारने और रोमांच का लुत्फ उठाने के लिए हर साल देश-विदेश से करीब 5 लाख ट्रेकर्स यहां आते हैं. छोटे-बड़े तमाम रूट्स पर युवाओं की भारी भीड़ उमड़ती है, लेकिन इसके साथ ही हर साल कई ट्रेकर्स इन अनजान और कठिन रास्तों पर रास्ता भटक जाते हैं. घने जंगलों और पहाड़ों में मोबाइल नेटवर्क न होने के कारण आपात स्थिति में उन्हें ढूंढना बेहद मुश्किल काम हो जाता है।
इसी गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए सरकार ने पहले चरण में 100 ट्रेकिंग रूट्स की जीपीएस मैपिंग कराने का फैसला किया है. इसके लिए तकनीकी सर्वेक्षण करने वाली विशेषज्ञ कंपनियों से आवेदन (टेंडर) भी मांग लिए गए हैं. इस मैपिंग का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि किसी भी इमरजेंसी में रेस्क्यू टीमों को ट्रेकर्स की लोकेशन ट्रेस करने में आसानी होगी।


