Dharmik
Trending

Devotion : उल्टा स्वास्तिक बनाने से होती हैं मनोकामना पूरी !

Along with their wish, devotees draw an inverted Swastika on the temple wall.

Devotion : उल्टा स्वास्तिक बनाने से होती हैं मनोकामना पूरी ! : देश में कई ऐसे मंदिर हैं जहां की पूजा की परंपरा अन्य मंदिरों से बिल्कुल अलग है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा के दौरान मंदिर में स्वास्तिक बनाना शुभ और मंगलकारी होता है। स्वास्तिक को समृद्धि, सौभाग्य और भगवान गणेश का प्रतीक माना जाता है। कई धार्मिक जानकारों का मानना है कि सीधा स्वास्तिक बनाना बेहद शुभ होता है लेकिन भारत में कुछ मंदिर ऐसे भी हैं जहां उल्टा स्वास्तिक बनाकर पूजा की जाती है। यह पूजा परंपरा सामान्य पूजा परंपरा से बेहद अलग और अनोखी है।

भारत में कुछ प्राचीन मंदिर हैं जहां श्रद्धालु उल्टा स्वास्तिक बनाकर पूजा करने की अनोखी और विशिष्ट परंपरा निभाते हैं। इन मंदिरों में भक्त अपनी मनोकामना पूरी कराने के लिए दीवारों पर उल्टा स्वास्तिक बनाते हैं फिर मनोकामना पूरी होने के बाद उसी उल्टे स्वास्तिक को सीधा करते हैं। अब सवाल उठता है कि कौन-कौन से मंदिर हैं जहां उल्टा स्वास्तिक बनाकर पूजा की जाती है और इसके पीछे क्या रहस्य है

मध्य प्रदेश के भैंसवा माता मंदिर, उज्जैन के चिंतामण गणेश मंदिर और मथुरा के गरुड़ गोविंद मंदिर जैसे मंदिरों में भगवान की आराधना उल्टा स्वास्तिक बनाकर की जाती है। इन मंदिरों में श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं।मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के एक गांव में भैंसवा माता का मंदिर स्थित है। यह मंदिर सिद्ध शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। यह मंदिर लगभग 300 साल पुराना है, जहां लाखों श्रद्धालु संतान प्राप्ति की मन्नत मांगने आते हैं। इस मंदिर में निसंतान दंपत्ति उल्टा स्वास्तिक बनाकर संतान प्राप्ति की मनोकामना भैंसवा माता के समक्ष रखते हैं।

मनोकामना के साथ ही मंदिर की दीवार पर भक्त उल्टा स्वास्तिक बनाते हैं। उल्टा स्वास्तिक बनाने का अर्थ होता है कि भक्त की इच्छा अधूरी है। भैंसवा मंदिर की मान्यता है कि जो भी भक्त मनोकामना लेकर आता है, उसकी कामनाएं एक महीने के भीतर पूरी हो जाती हैं। जिन भक्तों की मनोकामना पूरी हो जाती है, वे माता के मंदिर में फिर आते हैं और धन्यवाद रूप में दीवार पर बने उल्टे स्वास्तिक को सीधा करते हैं। संतान प्राप्ति की मनोकामना पूरी होने के बाद दंपत्ति मंदिर में बच्चों के पालने भी चढ़ाते हैं। इसी वजह से मंदिर में आज भी जगह-जगह पालने टंगे हुए देखे जा सकते हैं।

Leena Kumari

InsideNewsPostUK is a digital news portal dedicated to delivering timely, accurate, and insightful coverage of current events across the world. From politics and business to entertainment, technology, and lifestyle, we aim to inform and engage readers with in-depth reporting, expert analysis, and diverse perspectives. With a commitment to journalistic integrity and digital innovation, InsideNewsPostUK strives to be a trusted source for breaking news and thoughtful commentary in a rapidly changing media landscape.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button